लखनऊ में पब्लिक ट्रांसपोर्ट हड़ताल खत्म, 65 बसें डिपो से निकलीं, आज से सड़कों पर दौड़ेगा पूरा बेड़ा

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचारः सिटी बस संचालन को लेकर जारी गतिरोध टूटता दिखाई दिया। दो दिन से चल रही कर्मचारियों की हड़ताल के बीच रविवार को बस सेवा का संचालन किया गया। एमडी के मुताबिक 65 बसों का संचालन हुआ। सोमवार से शेष बेड़ा शहर के रूटों पर दौड़ेगा। मंडलायुक्त के हस्तक्षेप और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए सिटी ट्रांसपोर्ट प्रबंधन ने बसों का संचालन शुरू कराया, हालांकि कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच हुई दो दौर की वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।

सिटी ट्रांसपोर्ट के प्रबंध निदेशक अमरनाथ सहाय ने बताया कि रविवार को आधे से ज्यादा सिटी बस की फ्लीट सड़क पर रही। सोमवार से कार्यालय खुल रहे हैं। इसे देखते हुए प्रबंधन अपने पूरे बेडे़ को उतारने का प्रयास करेगा। 115 बसों के बेड़े में से करीब पांच से दस प्रतिशत मेंटीनेंस में रहने के बावजूद 65 बसें डिपो से निकलीं। कुछ बसों में परिचालकों की अनुपस्थिति के कारण चालक ही यात्रियों को बैठाने, टिकट जारी करने और बस संचालन की जिम्मेदारी निभाते नजर आए।

एमडी ने कहा कि वर्ष 2021 में मेरिट के आधार पर संविदा पर परिचालकों की भर्ती की गई थी। समितियों के माध्यम से भर्ती किए जाने के आदेश के विरोध में चालक-परिचालकों ने दुबग्गा डिपो में कार्य बहिष्कार कर सिटी बसों का चक्का जाम कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि सोमवार से सभी बसों का नियमित संचालन शुरू होगा तथा हड़ताल पर गए कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच सोमवार से नई कंपनी एसएस परिवहन व्यवस्था का कार्यभार संभालेगी। कंपनी ने चालक-परिचालकों से काम पर लौटने की अपील की है, लेकिन कर्मचारी अभी भी हड़ताल पर डटे हुए हैं। तीन दिन की हड़ताल से करीब 30 हजार दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि सिटी ट्रांसपोर्ट को लगभग 18 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन, मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े कर्मचारी

रविवार को हड़ताली चालक-परिचालकों ने हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोककर बसों से इको गार्डन भेज दिया। हड़ताली कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। वहीं प्रबंधन सख्त लहजे में हिदायत दे चुका है और हड़ताल को असंवैधानिक बता रहा है। साफ कहना है कि हड़ताली चालक परिचालक तत्काल डयूटी ज्वाइन करें।

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