गोंडा RPF ने पेश की ईमानदारी की मिसाल, अवध एक्सप्रेस में छूटा लाखों का सामान यात्री को लौटाया

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Published By Anjali Singh
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गोंडा, अमृत विचार: जिले के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट की सतर्कता से अवध एक्सप्रेस में छूटा एक सूटकेस उसके मालिक को सकुशल वापस मिल गया। सूटकेस में सोने-चांदी के आभूषण, नए कपड़े समेत करीब एक लाख रुपये मूल्य का सामान रखा था। आरपीएफ के अनुसार बाराबंकी निवासी राज सिंह पुत्र महेंद्र सिंह 30 मई को गाड़ी संख्या 19037 अवध एक्सप्रेस से दाहोद से बाराबंकी तक यात्रा कर रहे थे। वह कोच ए-1 में बर्थ संख्या 1 व 2 पर सफर कर रहे थे। 31 मई को बाराबंकी स्टेशन पर उतरते समय उनका पीले व स्लेटी रंग का सूटकेस ट्रेन में ही छूट गया।

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सूटकेस गुम होने पर यात्री ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में सूचना मिली कि उनका सूटकेस आरपीएफ पोस्ट गोंडा में सुरक्षित रखा गया है। सूचना मिलने पर राज सिंह अपनी बहन के साथ आरपीएफ पोस्ट गोंडा पहुंचे और सामान प्राप्त करने की गुहार लगाई। ड्यूटी पर तैनात सहायक उपनिरीक्षक संजय कुमार तथा महिला कांस्टेबल मधु सिंह ने सूटकेस दिखाया, जिसकी पहचान राज सिंह ने की। 

सूटकेस खोलकर जांच करने पर उसमें सोने का मंगलसूत्र, चांदी की पायल, कड़ा, माला, नई साड़ियां एवं अन्य सामान सुरक्षित मिला। यात्री ने सभी सामान सही-सलामत होने की पुष्टि की तथा उसकी कुल कीमत करीब एक लाख रुपये बताई। आवश्यक दस्तावेजों और पहचान पत्र के सत्यापन के बाद आरपीएफ ने विधिवत कार्रवाई पूरी कर सूटकेस और उसमें रखा पूरा सामान राज सिंह को सुपुर्द कर दिया। अपना खोया हुआ सामान वापस मिलने पर यात्री ने आरपीएफ गोंडा की तत्परता और ईमानदारी की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

रेलवे स्टेशन पर मिला भटका नाबालिग, चाइल्ड लाइन को सौंपा

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रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता से एक भटके हुए नाबालिग बच्चे को सुरक्षित संरक्षण दिलाया गया। शनिवार को रात्रि पाली ड्यूटी के दौरान आरपीएफ पोस्ट गोंडा के उप निरीक्षक अमरदेव प्रसाद को सिक्योरिटी कंट्रोल लखनऊ से सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 15270 में एक नाबालिग बच्चा अकेला मिला है, जिसे गोंडा स्टेशन पर उतारकर आरपीएफ को सौंपा जाना है। सूचना के आधार पर उप निरीक्षक अमरदेव प्रसाद ने प्लेटफॉर्म संख्या-3 पर शाम 7:10 बजे पहुंची ट्रेन संख्या 15270 से बच्चे को अपने संरक्षण में लिया। ट्रेन में मौजूद यात्री से फोन पर संपर्क करने पर जानकारी मिली कि बच्चा लखनऊ एनआर स्टेशन पर ट्रेन खुलने के समय अकेला मिला था।

पूछताछ में बच्चे ने अपना नाम प्रिंस तथा पिता का नाम सोनू बताते हुए स्वयं को बदायूं जनपद का निवासी बताया, लेकिन वह अपना पूरा पता नहीं बता सका। बच्चे की उम्र लगभग 10 वर्ष आंकी गई। मामले की सूचना तत्काल रेलवे चाइल्ड लाइन गोंडा को दी गई। कुछ देर बाद चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधि देवी दयाल एवं विशेष कुमार रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट पहुंचे और बच्चे से पूछताछ की। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद डीएसएस कमर्शियल की उपस्थिति में बच्चे को हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश शर्मा के माध्यम से रेलवे चाइल्ड लाइन गोंडा के सुपुर्द कर दिया गया।

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