वाराणसी में 200 वर्ष पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद ध्वस्त, आधी रात को चला रेलवे की जमीन पर बुलजोजर, जानें पूरा मामला
काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार एवं आधुनिकीकरण परियोजना के तहत की गई कार्रवाई
वाराणसी प्रशासन के कहा कि मस्जिद रेलवे की भूमि पर निर्मित थी और काशी मॉडल स्टेशन परियोजना के लिए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना आवश्यक था। कार्रवाई के दौरान रेलवे, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार एवं आधुनिकीकरण परियोजना के तहत मंगलवार देर रात आदमपुर थाना क्षेत्र के राजघाट के निकट स्थित अजगैब शहीद मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई रात लगभग 12 बजे शुरू की गई और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी की गई।
प्रशासन के अनुसार, मस्जिद रेलवे की भूमि पर निर्मित थी और काशी मॉडल स्टेशन परियोजना के लिए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना आवश्यक था। कार्रवाई के दौरान रेलवे, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों, पीएसी तथा केंद्रीय बलों के जवानों की तैनाती की गई थी।
पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव कुमार, पुलिस उपायुक्त वैभव बांगर, एसीपी विजय प्रताप सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे। कार्रवाई से पूर्व अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरि मीणा ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। भदऊ चुंगी स्थित किला कोहना इलाके में अजगैब शहीद मस्जिद के साथ मजार और कब्रिस्तान भी स्थित थे। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि मस्जिद लगभग 200 वर्ष पुरानी थी।
अधिकारियों का कहना है कि संबंधित भूमि रेलवे की संपत्ति है। उनके अनुसार, प्रारंभ में वहां मजार का निर्माण हुआ था, जिसके बाद मस्जिद और कब्रिस्तान विकसित किए गए। वर्ष 2024 में काशी मॉडल स्टेशन योजना शुरू होने के बाद भूमि की पैमाइश कराई गई, जिसमें निर्माण को रेलवे भूमि पर अवैध पाया गया।
प्रशासन के मुताबिक, मामले में न्यायालय का फैसला भी रेलवे के पक्ष में आया था। नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भूमि खाली नहीं कराई गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पूरी प्रक्रिया के दौरान आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित रही और ध्वस्तीकरण के बाद मलबा भी रात में ही हटा दिया गया।
