किसानों को राहत : धान खरीद नीति 2025-26 को योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी, 25 हजार क्रय केंद्रों पर होगी खरीद

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1965 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत परिषद की योजनाओं के भीतर आने वाले कुछ अनियमित विकास क्षेत्रों को विनियमित करने का रास्ता साफ होगा।

लखनऊ, अमृत विचार। योगी कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की मुख्य धान खरीद योजना को मंजूरी दे दी है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीद के लिए व्यापक व्यवस्था तैयार की है। प्रदेश में लगभग 25 हजार नामांकित कर्मियों की तैनाती और बड़े पैमाने पर खरीद केंद्रों का संचालन किया जाएगा।

योजना के तहत किसानों का पंजीकरण आधार आधारित सत्यापन प्रणाली से किया जाएगा। खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू रहेगी। किसानों को भुगतान सीधे बैंक खातों में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा तथा बिचौलियों की भूमिका कम होगी। पूर्वांचल सहित धान उत्पादक क्षेत्रों में खरीद केंद्रों की विशेष व्यवस्था की जाएगी। धान खरीद अभियान को प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अनधिकृत कॉलोनियों को मिलेगी राहत, संशोधन को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1965 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत परिषद की योजनाओं के भीतर आने वाले कुछ अनियमित विकास क्षेत्रों को विनियमित करने का रास्ता साफ होगा। सरकार का तर्क है कि वर्षों से कई क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक निर्माण बिना पूर्ण स्वीकृति के विकसित हो गए थे। नई व्यवस्था के माध्यम से ऐसे क्षेत्रों को नियमानुसार विकसित कर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इस निर्णय से हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही शहरी नियोजन को व्यवस्थित करने और राजस्व बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। सरकार का कहना है कि विकास कार्यों को नियमित करने के साथ ही अवैध निर्माण पर नियंत्रण भी सुनिश्चित किया जाएगा।

मोहनलालगंज को मिलेगा आधुनिक उप-पंजीयक कार्यालय भवन

योगी कैबिनेट ने लखनऊ के मोहनलालगंज में उप-पंजीयक कार्यालय भवन निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह भवन स्टांप एवं पंजीकरण विभाग की सेवाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। वर्तमान में विभागीय कार्य किराये अथवा सीमित संसाधनों वाले भवनों में संचालित हो रहे हैं। नए भवन के निर्माण से पंजीकरण कार्यों में सुविधा बढ़ेगी और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। सरकार का उद्देश्य पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और तकनीक आधारित बनाना है। नए भवन में आधुनिक सुविधाओं के साथ रिकॉर्ड प्रबंधन और नागरिक सेवाओं की बेहतर व्यवस्था होगी।

मृत्युदंड प्राप्त बंदियों के लिए नई नीति

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश की जेलों में मृत्युदंड प्राप्त बंदियों के आश्रितों के लिए नई नीति को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय न्यायालयों और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। नीति के तहत मृत्युदंड की प्रक्रिया से पहले बंदी और उसके परिजनों को निर्धारित समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही मानवाधिकार मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। सरकार का कहना है कि इससे कानूनी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और आश्रितों के अधिकारों की रक्षा होगी। जेल प्रशासन को भी स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे। यह नीति देश में विकसित हो रहे मानवीय और न्यायिक मानकों के अनुरूप मानी जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण को मिलेगी रफ्तार

मंत्रिपरिषद ने विकास प्राधिकरण क्षेत्रों से बाहर जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत मानचित्रों के विनियमितीकरण और विकास क्षेत्र में शामिल होने पर उनकी वैधता से जुड़ी प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। अब ऐसे मानचित्रों के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू होगी। इससे विकास प्राधिकरण और जिला पंचायतों के बीच समन्वय बढ़ेगा तथा लोगों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। नई व्यवस्था से भवन स्वामियों को कानूनी अनिश्चितता से राहत मिलने की उम्मीद है।

नए शहरों के विकास के लिए 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान

योगी कैबिनेट ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना को मंजूरी देते हुए इसके लिए 3500 करोड़ रुपये के प्रावधान को स्वीकृति दी है। योजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित दिशा देना और नए शहरों का नियोजित विकास करना है। सरकार नगर विकास के साथ नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दे रही है। योजना के तहत भूमि विकास, आधारभूत संरचना निर्माण और शहरी सेवाओं के विस्तार के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन में मदद मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह योजना भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

राज्य कृषि विश्वविद्यालय कर्मचारियों को सातवां वेतनमान

योगी कैबिनेट ने राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में कार्यरत गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतनमान और अन्य सुविधाएं प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय से प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग उठ रही थी। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों को बेहतर सेवा शर्तें मिलने से विश्वविद्यालयों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। इससे कृषि शिक्षा और अनुसंधान को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

बुंदेलखंड को मिलेगा पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय

योगी कैबिनेट ने झांसी में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने और आधारभूत संरचना विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे बुंदेलखंड क्षेत्र में पशुपालन, डेयरी और पशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी। विश्वविद्यालय पशु चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे तथा पशुपालकों को वैज्ञानिक सलाह और तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी।

सेमीकंडक्टर निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीति में बदलाव

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। सरकार का उद्देश्य राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करना और निवेश आकर्षित करना है। नई व्यवस्था के तहत परियोजनाओं के संचालन, पात्रता और प्रोत्साहन संबंधी कुछ प्रावधानों को अधिक व्यावहारिक बनाया गया है। इससे निवेशकों को सुविधा मिलेगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। सरकार का मानना है कि उत्तर प्रदेश देश के उभरते सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित हो सकता है। इससे उच्च तकनीक क्षेत्र में रोजगार और निवेश दोनों बढ़ेंगे। यह फैसला राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बढ़त दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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