ओपेन टॉप कार पर एक सुहाना सफर

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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गुनगुनी धूप, चेहरे को छूती ठंडी हवा और सामने फैला घुमावदार पहाड़ी रास्ता-एक ओपेन कार में सफर का मजा ही कुछ और होता है। नवंबर की एक सुहानी सुबह, मैंने और मेरे दोस्तों ने चमचमाती लाल रंग की ओपेन-टॉप (कंवर्टीबल) कार से वादियों की सैर पर निकलने का फैसला किया। जैसे ही कार ने रफ्तार पकड़ी, शहर का शोर पीछे छूट गया। कार की छत खुली होने के कारण ऐसा लग रहा था मानो आसमान हमारे साथ चल रहा हो। रास्ते के दोनों तरफ ऊंचे-ऊंचे हरे-भरे पेड़ थे, जिनकी पत्तियां हवा में झूम रही थीं। सूरज की किरणें पेड़ों के बीच से छनकर हमारे चेहरों पर पड़ रही थीं। 

कार के स्टीरियो पर धीमा और सुरीला संगीत बज रहा था, जो उस खुशनुमा माहौल को और भी जादुई बना रहा था। रास्ते में जब हवा के झोंके हमारे बालों को बिखेरते, तो हम सब खुलकर हंस पड़ते। ओपेन कार का सबसे बड़ा फायदा यह था कि प्रकृति और हमारे बीच कोई कांच की दीवार नहीं थी। हम ताजी मिट्टी की खुशबू को महसूस कर पा रहे थे और पक्षियों की चहचहाहट साफ सुन रहे थे। एक मोड़ पर हमने कार रोकी और पहाड़ों के बैकग्राउंड के साथ कुछ शानदार तस्वीरें लीं। वहां की ठंडी हवा ने हमारी सारी थकान मिटा दी थी। 

शाम ढलने लगी तो आसमान का रंग सिंदूरी और फिर गहरा जामुनी हो गया। ठंडी हवा अब थोड़ी तेज हो गई थी, इसलिए हमने हल्के जैकेट पहन लिए। खुले आसमान के नीचे, टिमटिमाते तारों को देखते हुए आगे बढ़ना एक ऐसा अहसास था, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यह सफर सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने का नहीं था, बल्कि आजादी और जिंदगी को खुलकर जीने का एक खूबसूरत जरिया बन गया था।

-रूचि रस्तोगी