बरेली: चार केवी कनेक्शन को कर दिया 40 केवी
अमृत विचार, बरेली। बिजली विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से राजस्व को चूना लगाया जा रहा है। उपखंड अधिकारी एमए खान ने नियमों को दरकिनार कर निजी ठेकेदार की मदद से एक स्कूल के कनेक्शन (जो कि चार किलोवाट का था, उपभोक्ता अंकित सिंह बग्गा, कनेक्शन खाता संख्या 9525748951) को 40 किलोवाट कर दिया गया …
अमृत विचार, बरेली। बिजली विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से राजस्व को चूना लगाया जा रहा है। उपखंड अधिकारी एमए खान ने नियमों को दरकिनार कर निजी ठेकेदार की मदद से एक स्कूल के कनेक्शन (जो कि चार किलोवाट का था, उपभोक्ता अंकित सिंह बग्गा, कनेक्शन खाता संख्या 9525748951) को 40 किलोवाट कर दिया गया जबकि 250 केवीए का ट्रांसफार्मर ओवरलोड था।
वहीं, पहले भी यह ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने की वजह से दो बार जल चुका था जिसकी दो बार मरम्मत भी कराई गई थी। ऐसे में अधिक लोड की वजह से क्षेत्र में लगातार फाल्ट होने से लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शासन की सख्ती के बाद भी बिजली विभाग में भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब अनियमित तरीके से स्कूल के चार किलोवाट के कनेक्शन को ओवरलोडेड 250 केवीए ट्रांसफॉर्मर से लोड बढ़ाकर 40 किलोवाट कर दिया गया है। यह जानकारी मीडिया में आने के बाद से विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
दरसअल, विद्युत नगरीय वितरण खंड तृतीय राजेंद्र नगर में एक स्कूल मालिक को 250 केवीए ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने के बाद भी चार किलोवाट से 40 किलोवाट लोड बढ़ाकर कनेक्शन दे दिया। सूत्रों ने बताया कि आरोप है कि उपखंड अधिकारी एमए खान ने एक ठेकेदार के माध्यम से तीन लाख रुपये लेकर लोड बढ़ाया है। क्षमता से अधिक लोड होने के चलते कई बार क्षेत्र में ट्रांसफार्मर फुंक जाने के बाद बिजली गुल हो जाती है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कनेक्शन का लोड यदि चार से 40 किलोवाट किया गया है तो ट्रांसफॉर्मर की क्षमता भी बढ़ाई जानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो यह गलत है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। अगर रिश्वत लेने की बात सामने आती है तो कार्रवाई होगी। इसकी शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी।– ब्रम्हपाल, निदेशक कामर्शियल, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम
चीफ इंजीनियर के करीबी हैं एसडीओ
अधिकारी सूत्रों की माने तो राजेन्द्रनगर एसडीओ बिजली विभाग के जिले के मुखिया चीफ इंजीनियर के काफी करीब बताए जाते हैं। कई बार इनकी शिकायतें पहुंचने के बाद भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं, कोहाड़ापीर क्षेत्र में बिजली के पोल पर लाइन जोड़ने के बाद एक लाइनमैन गंभीर रूप से झुलसकर घायल हो गया था। इसके बाद जांच में एक्सईन, एसडीओ और जेई समेत कई लोगों को दोषी पाया गया था। मगर चीफ इंजीनियर से नजदीकी के चलते उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
