यूपी में 37 PCS को मिला IAS बनने का मौका, डीपीसी बैठक में नामों पर मुहर, देखें प्रमोट होने वाले अधिकारियों की पूरी लिस्ट
डीपीसी में नामों पर मुहर, 1997 से 2012 बैच तक को मिलेगी पदोन्नति शासन, मंडल, विकास प्राधिकरण और जिलों में तैनात अधिकारी सूची में शामिल
लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) के 37 अधिकारियों के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में प्रोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को हुई विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में अधिकारियों के नामों पर सहमति बनी। अब यूपीएससी और केंद्र सरकार की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन अधिकारियों की पदोन्नति संबंधी अधिसूचना जारी की जाएगी।
प्रोन्नति के लिए चयनित अधिकारियों में वर्ष 1997 बैच के हरिश्चंद्र, वर्ष 1999 बैच के प्रभूनाथ, वर्ष 2002 बैच की अंजू कटियार, वर्ष 2004 बैच के अमर पाल सिंह तथा वर्ष 2008 बैच के आलोक वर्मा शामिल हैं।
इसके अलावा वर्ष 2010 बैच के डॉ. विश्राम, अशोक कुमार कनौजिया, पुष्पराज सिंह, संजय कुमार सिंह, राज कुमार द्विवेदी, राकेश कुमार पटेल, सुशीला और आलोक कुमार को भी प्रोन्नति सूची में स्थान मिला है। वर्ष 2011 बैच से वैभव मिश्रा, विवेक श्रीवास्तव, योगानंद पांडेय, प्रदीप कुमार यादव, अमित कुमार, पूनम निगम, डॉ. नितिन मदान, हर्ष देव पांडेय, शैलेंद्र कुमार सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह, संतोष बहादुर सिंह, पंकज वर्मा, विजय कुमार सिंह द्वितीय, अतुल कुमार, अमित सिंह, प्रियंका सिंह, अमित कुमार, डॉ. सुनील कुमार वर्मा, गरिमा स्वरूप, संदीप कुमार, राकेश कुमार सिंह तथा डॉ. वैभव शर्मा को प्रोन्नति के लिए चयनित किया गया है। वर्ष 2012 बैच के विश्वभूषण भूषण मिश्रा भी सूची में शामिल हैं।
डीपीसी के लिए मुख्य सचिव एसपी गोयल व प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज दिल्ली गए थे। प्रोन्नति प्राप्त करने वाले अधिकांश अधिकारी वर्तमान में अपर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी, विकास प्राधिकरणों के सचिव, विशेष सचिव, चुनाव, राजस्व, जीएसटी और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्यरत हैं। इन अधिकारियों के आईएएस बनने से प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को अनुभवी अधिकारियों का लाभ मिलेगा।
लंबे इंतजार के बाद पूरी हुई प्रक्रिया
आईएएस पदोन्नति कोटे की रिक्तियों को भरने के लिए लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी। अधिकारियों के सेवा अभिलेख, सतर्कता जांच और गोपनीय प्रविष्टियों के परीक्षण के बाद डीपीसी में नामों पर विचार किया गया।
अब केंद्र की अधिसूचना का इंतजार
डीपीसी की संस्तुति के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार और संघ लोक सेवा आयोग की औपचारिक स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। अंतिम अधिसूचना जारी होते ही चयनित अधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बन जाएंगे।
