Bareilly News : रोडवेज बस चालक की मौत पर अफसरों की अनदेखी से भड़के साथी , 8 घंटे तक 392 बसों का चक्का जाम रखा
सैटेलाइट बस अड्डे पर गुरुवार को दिनभर अफरातफरी का आलम रहा। सड़क हादसे में बस चालक की मौत हो गई। साथी कर्मचारियों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद अधिकारियों को फोन किया गया, लेकिन वे बेखबर रहे। किसी का फोन नहीं उठा। इसी अनदेखी को लेकर बस कर्मचारियों में आक्रोश भड़क गया और वे सड़कों पर उतर आए। कर्मचारियों की बगावत के बाद अधिकारी मान मनौव्वल में जुट गए। कर्मचारियों का गुस्सा शांत करने में उन्हें 8 घंटे लग गए, तब जाकर कहीं बसों का संचालन बहाल हो सका। इस पूरे घटनाक्रम में यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अमृत विचार, बरेली : शाहजहांपुर में टैंकर-रोडवेज बस की टक्कर में रोहिलखंड डिपो के संविदा चालक की मौत से गुस्साए रोडवेज कर्मी गुरुवार को बरेली में सड़कों पर आ गए। हादसे के बाद अफसरों के फोन न उठने का आरोप लगाते हुए ड्राईवर और कंडक्टरों ने बरेली में बसों का संचालन ठप कर दिया। सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 1:30 बजे तक कई बसें जहां की तहां खड़ी नजर आईं और यात्री परेशान रहे।
कर्मचारियों के इस प्रदर्शन से करीब 390 बसें रोडवेज बसें के पहियो ठिठके रहे। बसों का संचालन ठहरने से यात्री बेहाल हो गए। रोडवेज बस अड्डे पर भीड़ का दबाव बढ़ने लगा। घंटों के विरोध-प्रदर्शन के बीच अधिकारी, कर्मचारियों को मनाने में जुटे रहे। आखिर में पीड़ित परिवार को 70 हजार की आर्थिक मदद दिए जाने पर बसों का संचालन बहाल हुआ। तब जाकर रोडवेज के अधिकारी और यात्रियों को राहत मिली।
हाफिजगंज क्षेत्र के गांव गांव बीसी रम्पुरा निवासी प्रमोद रोडवेज में एक साल से संविदा चालक थे। वह रोहिलखंड डिपो की बस लेकर बुधवार शाम वह बरेली से लखनऊ रवाना हुए थे। राजधानी से सवारियां लेकर लौटते में तिलहर के पास बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई।
आधीरात को बेखबर अधिकारी
ट्रक चालक के अचानक ब्रेक लगाने से हादसा हो गया। बस चालक प्रमोद गंभीर घायल हो गए। आरोप है कि परिचालक व यात्री 108 एंबुलेंस को फोन करते रहे मगर गाड़ी नहीं पहुंची। घायल चालक को दूसरी बस से सीएचसी तिलहर ले जाया गया मगर जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।रोडवेज के चालक-परिचालकों का आरोप है किसी उच्चाधिकारियों का फोन नहीं उठा।
तुरंत इलाज मिलता तो प्रमोद की जान बच सकती थी। साथी की मौत की खबर बरेली पहुंची तो गुस्साए कर्मचारियों ने सैटेलाइट व पुराने बस अड्डे पर बसें जहां-तहां खड़ी कर हड़ताल कर दी। बरेली व रोहिलखंड डिपो सभी बसें खड़ी रहीं। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
