बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर हादसा: उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ते समय ट्रेन की चपेट में आए दंपती, पति की मौत, पत्नी की हालत नाजुक, दुधमुंहे सहित तीन बच्चे सुरक्षित
बाराबंकीः बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर एक हृदयविदारक हादसा हो गया। उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान पैर फिसलने से पति-पत्नी ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। हादसे में दंपती के तीनों बच्चे सुरक्षित बच गए हैं और फिलहाल पुलिस की निगरानी व संरक्षण में हैं।
जानकारी के अनुसार मनोज (32 वर्ष) और उनकी पत्नी वंदना (28 वर्ष) मूल रूप से जनपद आजमगढ़ के निवासी थे। वर्तमान में मनोज अपने परिवार के साथ गोमती नगर, लखनऊ में रहकर निजी नौकरी करते थे। शुक्रवार रात को वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों हिमांशी (7 वर्ष), स्नेहा (4 वर्ष) तथा दुधमुंहे आंशिक (6 माह) के साथ आजमगढ़ जाने के लिए बाराबंकी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। यहां उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और पति-पत्नी ट्रेन की चपेट में आ गए।
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हादसा इतना भीषण था कि मनोज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वंदना गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मनोज के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है।
हादसे के बाद स्टेशन पर भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। माता-पिता को घायल अवस्था में देखकर तीनों बच्चे जोर-जोर से रोने लगे। इस दौरान जीआरपी थानाध्यक्ष चंद्रमणि पांडेय, हेड कांस्टेबल रेखा सैनी और उषा कुमारी ने बच्चों को गोद में लेकर दुलारा, पुचकारा और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। मासूम बच्चों की चीख-पुकार और पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता का यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। फिलहाल तीनों बच्चों को सुरक्षित पुलिस संरक्षण में रखा गया है, जबकि परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पूरे घटनाक्रम से स्टेशन परिसर में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।
