FIFA World Cup 2026: कनाडा का 32 साल का इंतजार खत्म... साइल लारिन ने दिलाई 1-1 की बराबरी, पहली बार वर्ल्ड कप में खुला अंकों का खाता

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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टोरंटो: कनाडा की फुटबॉल टीम ने फीफा वर्ल्ड कप में अपनी हार के सिलसिले को तोड़ते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। शुरुआती झटके से उबरते हुए कनाडा ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 1-1 से ड्रॉ पर रोक दिया। फुटबॉल विश्व कप के इतिहास में खेले गए अपने कुल 7 मैचों में कनाडा की यह पहली ऐसी परफॉर्मेंस है, जहां टीम अंक (Point) हासिल करने में कामयाब रही है।

टोरंटो का स्टेडियम लाल जर्सी पहने प्रशंसकों से खचाखच भरा हुआ था। दर्शकों में कनाडा के मशहूर हॉकी स्टार कॉनर मैकडेविड के साथ-साथ हॉलीवुड अभिनेता रयान रेनॉल्ड्स और माइक मायर्स भी अपनी टीम का हौसला बढ़ाने पहुंचे थे।

जोवो लुकिच ने बोस्निया को दिलाई शुरुआती बढ़त

मैच की शुरुआत कनाडाई फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं रही। खेल के 21वें मिनट में ही बोस्निया-हर्जेगोविना के जोवो लुकिच ने कॉर्नर किक पर एक शानदार हेडर के जरिए गोल दागकर स्टेडियम में सन्नाटा पसरा दिया।

दरअसल, स्टार खिलाड़ी एडिन डेज़ेको (कंधे की चोट) और हारिस तबाकोविच के अनफिट होने के कारण लुकिच को शुरुआती प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था, जिसे उन्होंने सही साबित कर दिखाया। इस गोल के बाद पहले हाफ तक बोस्निया ने 1-0 की बढ़त बनाए रखी।

साइल लारिन बने 'सुपर सब', मैदान पर आते ही मचाया तहलका

एक गोल से पिछड़ने के बाद भी कनाडा के खिलाड़ियों और फैंस ने हिम्मत नहीं हारी। दूसरे हाफ में कनाडा के मुख्य कोच जेसी मार्श ने एक बड़ा दांव खेला। उन्होंने आमतौर पर शुरुआती लाइनअप में खेलने वाले स्टार खिलाड़ी साइल लारिन को 76वें मिनट में स्थानापन्न (Substitute) खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतारा।

लारिन ने मैदान पर कदम रखने के महज 2 मिनट बाद (78वें मिनट) ही प्रॉमिस डेविड के बेहतरीन पास को गोल पोस्ट में डाल दिया। इस गोल के साथ ही पूरा स्टेडियम 'गो कनाडा' के नारों से गूंज उठा।

गृहनगर में गोल करना अद्भुत अहसास: लारिन

मैच के बाद साइल लारिन ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "अपने ही होमटाउन में गोल दागना और इस जादुई माहौल में फैंस के साथ जश्न मनाना मेरे लिए एक अविस्मरणीय अहसास है।"

32 साल का सूखा खत्म, कनाडा का दूसरा वर्ल्ड कप गोल

यह गोल विश्व कप के इतिहास में कनाडा का केवल दूसरा गोल था। इससे पहले 1986 (मेक्सिको) और चार साल पहले कतर में हुए विश्व कप में कनाडा अपने सारे मुकाबले हार गया था। कोच जेसी मार्श ने कहा कि दूसरे हाफ में दर्शकों के जबरदस्त उत्साह ने खिलाड़ियों के अंदर एक नया जोश भर दिया था।

दूसरी ओर, साल 2014 के बाद अपना दूसरा विश्व कप खेल रही बोस्नियाई टीम के कोच सर्गेई बारबारेज़ भी इस ड्रॉ से संतुष्ट दिखे। उन्होंने कहा, "कनाडा के घरेलू मैदान पर बहुत भारी दबाव था, लेकिन हमारी टीम ने जिस तरह डटकर मुकाबला किया, वह काबिले तारीफ है।"

अब कतर और स्विट्जरलैंड से होगी भिड़ंत

ग्रुप स्टेज के अगले मुकाबलों में अब दोनों टीमों की राह बेहद रोमांचक होने वाली है।

बोस्निया-हर्जेगोविना: 18 जून को लॉस एंजिलिस में स्विट्जरलैंड से और 24 जून को सिएटल में कतर से भिड़ेगी।

कनाडा: 18 जून को वैंकूवर में कतर के खिलाफ और 24 जून को स्विट्जरलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेगी।

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