अयोध्या राम मंदिर दान विवाद : सेवादार का वीडियो आया सामने, आरोपों को नकारा, जानें पूरा मामला
अयोध्या, अमृत विचार : राम मंदिर में चढ़ावे में घपले के मामले आरोपों के घेरे में रहे सेवादार कृष्ण देव तिवारी उर्फ केडी ने एक वीडियो बयान जारी कर सभी आरोपों को नकार दिया है। कहा कि मेरे खिलाफ लगाए जा रहे डेढ़ करोड़ रुपए की जमीन खरीदने के आरोप गलत हैं। सेवादार का वीडियो वायरल ने हलचल बढ़ा दी है।
बताया कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी, 2024 को हुई थी। मैंने मार्च 2024 से सेवादार के रूप में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। इसके पहले ही दिसंबर 2023 में मेरे दोनों बेटों ने अपने-अपने नाम पर जमीन खरीदी थी। इसलिए इन संपत्तियों को मेरी मंदिर सेवा से जोड़ना गलत है।
कहा कि मेरी जिम्मेदारी केवल मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के दान किए गए सोने-चांदी के गहनों, अन्य आभूषण और रत्नों को जुटाना था। जेवरातों को तौलकर दानदाता को रसीद देना मेरा काम है। इसके बाद उन गहनों को ट्रस्ट के जिम्मेदार अधिकारियों तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी भी मेरी थी। इसके आगे उन गहनों के साथ क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
कहा कि मेरा बड़ा बेटा भारतीय वायुसेना में अधिकारी पद से रिटायर होने के बाद वर्तमान में इंटेलिजेंस ब्यूरो में कार्यरत है। दूसरा बेटा सेना से रिटायर होकर यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर है। सबसे छोटा बेटा मिल्कीपुर में कंप्यूटर ऑपरेटर है, जबकि बेटी टीचर है। अमृत विचार वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
