सरयू नदी में धड़ल्ले से जारी बालू खनन पर भड़के ग्रामीण, मंडराया बाढ़ और भीषण कटान का खतरा
रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार: तहसील क्षेत्र के सिसौंडा गांव के पास सरयू नदी में पिछले एक माह से जारी बालू खनन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर नदी से बालू निकाली जा रही है और उसे ओवरलोड ट्रकों में भरकर बाहर भेजा जा रहा है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से बांधनुमा मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि सड़कों पर मिट्टी और बालू बिखरने से लोगों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष सरयू नदी की बाढ़ से क्षेत्र प्रभावित होता है और अब बाढ़ का मौसम शुरू होने में भी अधिक समय नहीं बचा है। ऐसे में एक ओर प्रशासन करोड़ों रुपये खर्च कर बाढ़ एवं कटान से बचाव के लिए सुरक्षा कार्य करा रहा है, वहीं दूसरी ओर नदी तट के समीप बड़े पैमाने पर हो रहा खनन इन प्रयासों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है।
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जानकारी के अनुसार खनन स्थल से कुछ ही दूरी पर ठोकर निर्माण, बालू से भरी बोरियों की व्यवस्था सहित अन्य बाढ़ सुरक्षा कार्य चल रहे हैं। इसके बावजूद लगातार बालू निकाले जाने से कोरिनपुरवा, सिसौंडा समेत नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का मानना है कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ भविष्य में गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। ग्रामीणों ने खनन कार्य का विरोध करते हुए प्रशासन से शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों ने की प्रशासन से ये मांग
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो बाढ़ के दौरान नदी का रुख बदल सकता है और कई गांव कटान की चपेट में आ सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मामले की जांच कराकर खनन कार्य बंद कराने तथा बाढ़ सुरक्षा कार्यों की प्रभावशीलता बनाए रखने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार गांवों को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए संसाधन खर्च कर रही है, लेकिन अनियंत्रित खनन भविष्य में बड़े नुकसान का कारण बन सकता है।
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क्या बोले जिम्मेदार
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया कि खनन पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है। वहीं खनन अधिकारी का कहना है कि बाढ़ शुरू होते ही खनन कार्य बंद करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। एडीएम निरंकार सिंह ने बताया कि शासन स्तर से जारी एनओसी के आधार पर खनन कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ आने से पहले खनन पर रोक लगा दी जाएगी।
