गोंडा : डीएम की मंजूरी के बिना नहीं मिलेगा पंचायतों को बजट, अब हर खर्च का देना होगा हिसाब
- ग्राम पंचायतों पर कसा शिकंजा, अब हर खर्च का देना होगा हिसाब - विकास कार्यों के लिए नई गाइडलाइन, अनुमति के बाद ही जारी होगी धनराशि
गोंडा, अमृत विचार: ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को अधिक पारदर्शी बनाने और वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी कार्यालय ने विकास कार्यों की स्वीकृति और समीक्षा के लिए नए प्रारूप लागू कर दिए हैं। अब ग्राम पंचायतों को किसी भी नए अथवा चल रहे कार्य का पूरा विवरण निर्धारित प्रारूप में देना होगा। जिलाधिकारी की अंतिम स्वीकृति के बाद ही पंचायतों को बजट की अगली किश्त जारी की जाएगी।
खण्ड विकास अधिकारी रवि गुप्त ने विकास खण्ड के सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों को निर्देश जारी कर निर्धारित प्रारूपों पर सूचनाएं तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था के तहत बिना अनुमोदन के किसी भी पंचायत को विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी नहीं की जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पंचायत स्तर पर जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। वहीं समय पर सूचनाएं उपलब्ध न कराने वाले पंचायत कर्मियों में इस आदेश को लेकर हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।
दो प्रारूपों में मांगी गई जानकारी
प्रारूप-क नए विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए तैयार किया गया है। इसमें ग्राम पंचायतों को केंद्रीय एवं राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि, अब तक हुए व्यय और शेष राशि का विवरण देना होगा। साथ ही प्रस्तावित कार्य की लागत को श्रम, सामग्री और प्रशासनिक व्यय के मद में अलग-अलग दर्शाना अनिवार्य होगा।
वहीं प्रारूप-ख पहले से संचालित कार्यों की समीक्षा के लिए लागू किया गया है। इसमें कार्य की आईडी संख्या, तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति की तिथि, अब तक किए गए भुगतान और कार्य पूर्ण होने के बाद बची उपयोगिता धनराशि का पूरा ब्यौरा देना होगा।
संयुक्त हस्ताक्षर के बाद जाएगी रिपोर्ट
बीडीओ रवि गुप्त ने बताया कि सभी ग्राम पंचायत अधिकारी निर्धारित प्रारूपों के अनुसार रिपोर्ट तैयार कर ब्लॉक मुख्यालय पर जमा करें। सचिव, प्रशासक, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) तथा खण्ड विकास अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर और मुहर के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय भेजी जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा गहन समीक्षा एवं अंतिम अनुमति मिलने के बाद ही पंचायतों को बजट की अगली किश्त जारी की जाएगी।
ये भी पढ़ें :
फिरोजाबाद : बैंक लॉकर से गिरवी रखा सोना गायब, मुख्य चाबी धारक कर्मचारी फरार
