Bareilly News : कैनविज ग्रुप के मालिक कन्हैया गुलाटी पर 25 हजार का इनाम घोषित, 800 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी में है फरार

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
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निवेशकों का करोड़ाें रुपया लेकर फरार है आरोपी गुलाटी

बरेली, अमृत विचार। निवेशकों की रकम दोगुनी करने के दावे पर करीब 800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोपी कैनविज ग्रुप का मालिक कन्हैया गुलाटी फरार है। गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के बाद अब बरेली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। यूपी, उत्तराखंड, झारखंड समेत कई राज्यों में गुलाटी का साम्राज्य फैला है। अलग-अलग थानों में उसके विरुद्ध करीब 66 मुकदमें दर्ज हैं। 

कैनविज ग्रुप ने यूपी के बरेली परिक्षेत्र में निवेश का धंधा शुरू कर दिया। मेहनतकश, गरीब-मजूदर और नौकरीपेशा लोगों को शानदार रिटर्न का ख्वाब दिखाने के लिए भारी-भरकम टीम मैदान में उतारी। निवेश पर अच्छा कमीशन दिया। कंपनी की चमक-दमक और शानो-शौकत देखकर बरेली क्षेत्र में युवाओं की एक लंबी टीम कैनविज के साथ जुड़ गई। 

खेल शुरू हुआ और एजेंट्स ने अपने नाते-रिश्तेदार, परिचत और गांव-देहात में जाकर निवेश लााना शुरू किया। इस दावे और वादे के साथ कि 22 महीने में पैसा दोगुना हो जाएगा। अगर कोई निवेशक अपना पैसा नहीं लेना चाहएगा तो उसे प्लॉट दिया जाएगा। 

हजारों लोग इस झांसे में फंस गए। यूपी के बाद उत्तराखंड होते हुए झारखंड और कई राज्यों में कैनविज ने अपना साम्राज्य फैला दिया। लेकिन समय पूरा होने के बाद जब पैसा नहीं मिला तो लोगों ने एजेंट्स को पकड़ना शुरू किया। इसके बाद एजेंट्स ने अपना पल्ला झाड़कर अलग हो गए और कंपनी में पैसा लगाने वाले दर-दर भटकने लगे। इस कोशिश में कि कम से कम उतना पैसा ही मिल जाए जो उन्होंने निवेश किया था। 

वर्ष 2016 में कुछ लोगों ने कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराईं। पहला मुकदमा प्रेमनगर थाने में लिखा गया। उसके बाद एक के बाद एक मुकदमों की झड़ी लगी चली गई और पिछले 10 सालों में उसके खिलाफ 66 मुकदमें दर्ज हो चुके हैं। यूपी से लेकर झारखंड और बिहार तक एफआईआर दर्ज हैं। द

हालांकि अब तक ये धोखाधड़ी 800 करोड़ के आसपास ही सामने आ रही है, लेकिन ठीक से जांच में ये हजारों करोड़ का मामला माना जा रहा है। फिलहाल ठगी की शिकायतों की लंबी फेहरिस्त को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इसमें सक्रिय हो रही है। बताते हैं कि ईडी ने जांच शुरू कर दी है और अब इधर बरेली पुलिस ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने कन्हैया गुलाटी के विरुद्ध 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। ताकि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। 

बरेली में चिटफंड कंपनियों का बड़ा जाल 
बरेली परिक्षेत्र में चिटफंड कंपनियों का बड़ा जाल फैला है। बरेली से लेकर बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर, चारों जिले इसकी चपेट में हैं। निवेश के नाम गरीब-मजदूरों के हजारों करोड़ रुपये ठग लिए गए। बदायूं में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड कंपनी 100 करोड़ की धोखाधड़ी में घिरी है। एसआईटी जांच भी हुई। कंपनी के निदेशक शशिकांत मौर्य, सूर्यकांत, मैनेजर अमित सिंह और बदायूं के एजेंट सुनील बाबू मौर्य समेत सात के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। ये धोखाधड़ी भी सौ करोड़ से ज्यादा की मानी जा रही है।

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