भारत और सेशेल्स के बीच 9 ऐतिहासिक समझौते, वहां भी चलेगा अब UPI

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Published By Anjali Singh
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नई दिल्ली / विक्टोरिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स की तीन दिवसीय यात्रा ने भारत और सेशेल्स के बीच रणनीतिक, आर्थिक और विकास सहयोग को एक अभूतपूर्व ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देते हुए रक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल भुगतान, कृषि, अंतरिक्ष, समुद्री परिवहन और कानून प्रवर्तन समेत विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नौ बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और विशेष सहायता पैकेज की घोषणा भी की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के बाद इन समझौतों को अंतिम रूप दिया गया।

सेशेल्स में लागू होगी भारत की UPI प्रणाली, सस्ती दवाओं की भी होगी आपूर्ति

डिजिटल सहयोग के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) प्रणाली को सेशेल्स में लागू करने के लिए एनपीसीआई इंटरनेशनल (NPCI International) और सेशेल्स के केंद्रीय बैंक के बीच समझौता हुआ है। इसके अतिरिक्त, भारत की 'जनऔषधि योजना' के तहत सेशेल्स को सस्ती जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति करने पर भी सहमति बनी है। दोनों देशों के बीच नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण की तैयारियों, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा, नाविकों के प्रशिक्षण प्रमाणन की मान्यता, प्रत्यर्पण संधि और अंतरिक्ष सहयोग से जुड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने के लिए दोनों देशों ने एक अम्ब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट समझौते पर भी मुहर लगाई है।

हिंद महासागर की सुरक्षा के लिए भारत ने सौंपी सैन्य और मानवीय सहायता

भारत ने सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं को अभूतपूर्व मजबूती देते हुए निम्नलिखित सामग्रियां और पोत सौंपे हैं,

एक फास्ट पेट्रोल वेसल (Fast Patrol Vessel)

10 यूटिलिटी वाहन और लेजर रेडियल श्रेणी की पांच नौकाएं

तटरक्षक बल के पीएस जोरास्टर पोत के रिफिट का कार्य पूरा कर सेशेल्स को सौंपा गया। सेशेल्स के डोर्नियर विमान को अत्याधुनिक ग्लास कॉकपिट तकनीक से अपग्रेड करने की आधिकारिक घोषणा की गई। मानवीय सहायता और विकास सहयोग के तहत भारत ने मित्र देश सेशेल्स को 6 एंबुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 टन सीमेंट भी प्रदान किया है। दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर एक स्मारक लोगो जारी किया गया और 'प्रोफेशनल एंड टेक्निकल एजुकेशन सेंटर' की आधारशिला वर्चुअल माध्यम से रखी गई।

सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय पीएम बने मोदी

अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती (50 वर्ष पूरे होने) के अवसर पर वहां की नेशनल असेंबली को संबोधित किया। इसके साथ ही वे सेशेल्स की संसद को संबोधित करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं। असेंबली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के संबंध सदियों पुराने लोगों के परस्पर रिश्तों पर आधारित हैं, जो आज विश्वास, सुरक्षा और साझा समृद्धि की मजबूत साझेदारी में बदल चुके हैं।

'महासागर' पहल से और सुरक्षित होगा हिंद महासागर क्षेत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की 'महासागर' पहल का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और सेशेल्स समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, हाइड्रोग्राफी, क्षमता निर्माण और समुद्री क्षेत्र की निगरानी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देंगे, ताकि हिंद महासागर क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और स्थिर बनाया जा सके। उन्होंने समुद्री अर्थव्यवस्था, मत्स्य पालन, समुद्री विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा, तटीय प्रबंधन, सतत पर्यटन और डिजिटल नवाचार के क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया। जलवायु परिवर्तन पर बात करते हुए उन्होंने छोटे द्वीपीय देशों की चिंताओं को वैश्विक स्तर पर प्राथमिकता देने की वकालत की और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, मिशन लाइफ तथा आपदा-रोधी अवसंरचना (CDRI) से जुड़ी भारत की पहलों का उल्लेख किया। सेशेल्स ने भी भारत समर्थित 'कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर' की सदस्यता ग्रहण की है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत-सेशेल्स संबंधों का आने वाला दौर पिछले पांच दशकों से भी अधिक मजबूत और व्यापक होगा।

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