हल्द्वानी: बेरोजगारी से परेशान युवक ने फांसी लगाकर दी जान
हल्द्वानी,अमृत विचार। हिम्मतपुर बैजनाथ में 37 साल का एक विवाहित युवक बेरोजगारी से उपजे अवसाद के चलते फांसी लगाकर जान दे दी। हालांकि पुलिस को मौके से सुइसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस की जांच-पड़ताल में पता चला कि कोरोना लॉकडाउन के चलते युवक की जॉब छूट गई थी। इसके चलते पुलिस इसे आत्महत्या का …
हल्द्वानी,अमृत विचार। हिम्मतपुर बैजनाथ में 37 साल का एक विवाहित युवक बेरोजगारी से उपजे अवसाद के चलते फांसी लगाकर जान दे दी। हालांकि पुलिस को मौके से सुइसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस की जांच-पड़ताल में पता चला कि कोरोना लॉकडाउन के चलते युवक की जॉब छूट गई थी। इसके चलते पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।
रविवार रात पौने 12 बजे मुखानी पुलिस को ग्राम सभा के गांव पूरनपुर निवासी नरेंद्र सिंह पटवाल के फांसी पर लटकने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो नरेंद्र साइकिल टायर ट्यूब के सहारे पंखे पर लटका मिला। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। इसके साथ ही परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। पता चला कि नरेंद्र रात के खाने के बाद अपने कमरे में चला गया था। इससे पहले उसकी पत्नी से भी बात हुई थी। रात 9:40 मिनट पर नरेंद्र की मां उसके कमरे में गई तो उसे फांसी पर लटका देखा।
बड़े भाई रमेश पटवाल ने बताया कि नरेंद्र हरियाणा के गुड़गांव में जॉब करता था। कोरोना संक्रमण के केस सामने आने के बाद वह 10 साल के बेटे तन्मय के साथ वापस हल्द्वानी आ गया। जबकि पत्नी जानकी दो साल की बेटी परी के साथ रोहतक मायके चली गई। लॉक डाउन खुलने के बाद भी नरेंद्र को कहीं जॉब नहीं मिली। इसके चलते वह अवसाद में रहने लगा था। इधर, सोमवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इससे पहले सूचना पर मृतक की पत्नी भी अपनी बेटी को लेकर सुबह पांच बजे रोहतक से हल्द्वानी पहुंच गई। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
“जांच-पड़ताल में पता चला है कि जॉब न मिलने के चलते मृतक अवसाद में था। इसके कारण उसने आत्मघाती कदम उठा लिया होगा। पीएम कराने के साथ ही पूरी घटना की छानबीन कराई जा रही है।” -सुशील कुमार, एसओ मुखानी
