IND vs ENG: भारत के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में आखिरी बार खेलेंगी इंटरनेशनल, 17 साल के करियर को कहेंगी अलविदा

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Published By Muskan Dixit
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इंग्लैंड की अनुभवी सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट ने भारत के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले जाने वाले टेस्ट मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया। 2009 में डेब्यू करने वाली ब्यूमोंट 17 साल के शानदार करियर का समापन करेंगी।

लंदन। इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट ने घोषणा की है कि भारत के खिलाफ शुक्रवार से लॉर्ड्स में शुरू होने वाला टेस्ट मैच उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला होगा। इसके साथ ही वह लगभग 17 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन करेंगी।

2009 में किया था अंतरराष्ट्रीय डेब्यू

टैमी ब्यूमोंट ने नवंबर 2009 में सेंट किट्स में इंग्लैंड के लिए अपना पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। उस समय वह केवल 18 वर्ष की थीं। अपने डेब्यू मुकाबले में उन्होंने निचले क्रम पर बल्लेबाजी की थी और विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी निभाई थी।

अब भारत के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 261वां और अंतिम मैच होगा।

लंबे समय से इस फैसले का था इंतजार

ब्यूमोंट ने कहा कि यह फैसला लंबे समय से उनके मन में था। खासकर पिछले वर्ष विश्व कप टीम से बाहर होने और इंग्लैंड की 50 ओवर की भविष्य की योजनाओं का हिस्सा नहीं रहने के बाद उन्होंने इस निर्णय पर गंभीरता से विचार किया।

उन्होंने स्वीकार किया कि संन्यास का फैसला पहले से तय था, लेकिन अंतिम मैच खेलना भावनात्मक अनुभव होगा।

लॉर्ड्स में आखिरी मैच खेलने पर जताया गर्व

टैमी ब्यूमोंट ने कहा कि उनके करियर का आखिरी मुकाबला लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर होना उनके लिए बेहद खास है।

उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब महिलाएं लॉर्ड्स के पैवेलियन में प्रवेश भी नहीं कर सकती थीं और न ही एमसीसी (Marylebone Cricket Club) की सदस्य बन सकती थीं। आज उसी मैदान पर हजारों दर्शकों के सामने महिला टेस्ट मैच खेला जाना इस खेल की ऐतिहासिक प्रगति को दर्शाता है।

ब्यूमोंट ने कहा कि लॉर्ड्स में लगभग 20 हजार दर्शकों के सामने खेलना महिलाओं के क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता और विकास का प्रमाण है।

महिला क्रिकेट के बदलाव की रहीं गवाह

टैमी ब्यूमोंट उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने महिला क्रिकेट के विकास को करीब से देखा है। जब 1998 में लॉर्ड्स ने पहली बार महिलाओं को सदस्यता देने का फैसला किया, तब वह केवल सात वर्ष की थीं।

अपने करियर के दौरान उन्होंने महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचते देखा और उसका अहम हिस्सा भी रहीं।

2017 विश्व कप में निभाई थी ऐतिहासिक भूमिका

ब्यूमोंट के करियर का सबसे यादगार दौर वर्ष 2017 महिला वनडे विश्व कप रहा। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और इंग्लैंड को खिताब जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्हें उस विश्व कप में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया था। 2017 के बाद से इंग्लैंड की महिला टीम कोई वैश्विक खिताब नहीं जीत सकी है, जिससे उस उपलब्धि का महत्व और बढ़ जाता है।

अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स टेस्ट पर होंगी, जहां टैमी ब्यूमोंट अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम मैच खेलेंगी।

इनपुट- एजेंसी

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