बरेली: सिर्फ तीन दिन भर सकेंगे रिटर्न, समय सीमा बढ़ाने की मांग
अमृत विचार, बरेली। कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने आयकरदाताओं को राहत देते हुए 2019-20 की आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया था। इसके तहत 31 दिसंबर 2020 के बाद आयकर रिटर्न जुर्माने के साथ भरनी होगी। इधर, अंतिम दिनों में विभागीय वेबसाइट की गति धीमी होने से रिटर्न भरने …
अमृत विचार, बरेली। कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने आयकरदाताओं को राहत देते हुए 2019-20 की आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया था। इसके तहत 31 दिसंबर 2020 के बाद आयकर रिटर्न जुर्माने के साथ भरनी होगी। इधर, अंतिम दिनों में विभागीय वेबसाइट की गति धीमी होने से रिटर्न भरने से दिक्कत हो रही है।
रविवार को लगातार दूसरे दिन रात में वेबसाइट के दगा देने से कई लोग रिटर्न दाखिल नहीं कर सके। एक अनुमान के मुताबिक करीब 40 फीसदी ने ही रिटर्न फाइल की है। सीए हेमंत मिश्रा के मुताबिक, कोरोना की वजह से बड़ी संख्या में लोग दस्तावेज एकत्र नहीं कर पाए है। जीएसटी काउंसिल की तरफ से 2018-19 का वार्षिक रिटर्न भरने और खातों के ऑडिट करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर निर्धारित है। आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख भी 31 दिसंबर निर्धारित की गई है।
कोरोना की वजह से कई शहरों से आने वाले कागज हों या अन्य बिल वाउचर अब तक पूरी तरह एकत्र नहीं हो सके हैं। ऐसे में एक साथ काम करना मुश्किल हो गया है। पेंडेंसी भी ज्यादा है। इसलिए तारीख बढ़ाने की मांग की जा रही है। आयकर विशेषज्ञ विवेक ने बताया कि इस बार सरकार ने इनकम टैक्स का नया स्लैब जारी किया है जिसमें कम टैक्स दरों का फायदा मिलेगा। इधर, आयकर और जीएसटीआर जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को मांग पत्र भेजा जा रहा है।
इस दायरे में आने वालों को भरना है रिटर्न
उम्र 60 से 80 साल के बीच व सालाना आमदनी 3 लाख से अधिक है।
80 साल से अधिक उम्र और साल में 5 लाख से अधिक आय।
एक लाख से अधिक बिजली बिल या फिर विदेश यात्रा पर 2 लाख से अधिक खर्च किया है।
चालू खाते में एक करोड़ रुपए या अधिक जमा होने और विदेश में संपत्ति में निवेश पर।
