Farrukhabad News : गंगा का जलस्तर बढ़ने से पांचाल घाट की सात सीढ़ियां डूबीं, तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता

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Published By Deepak Mishra
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फर्रुखाबाद: गंगा का बढ़ता जलस्तर बना चिंता का कारण

फर्रुखाबाद में पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पांचाल घाट की सात सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं और गंगा किनारे कटान तेज हो गई है। तटवर्ती गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से चिंतित हैं। गंगा सेवकों और पंडों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। वहीं, वर्षों से स्वीकृत गंगा तटबंध का निर्माण शुरू न होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

फर्रुखाबाद, अमृत विचार। पहााड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब फर्रुखाबाद में भी दिखाई देने लगा है। गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से गंगापार और तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। सोमवार को पांचाल घाट की सात सीढ़ियां पानी में डूब गईं, जबकि घाट पर डेरा डाले पंडों और गंगा सेवकों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।

48 घंटे में बढ़ा जलस्तर, ऊपरी बांधों से छोड़ा गया पानी

सिंचाई विभाग के अनुसार शनिवार शाम तक पांचाल घाट पर गंगा का जलस्तर 135.35 सेंटीमीटर दर्ज किया गया था, जो रविवार शाम तक बढ़कर 136 सेंटीमीटर पहुंच गया। सोमवार सुबह भी जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही।

बताया जा रहा है कि नरौरा, बिजनौर और हरिद्वार बैराज से छोड़े गए पानी के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। शनिवार को नरौरा से 67,201 क्यूसेक, बिजनौर से 59,688 क्यूसेक और हरिद्वार से 53,403 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसका असर अब जिले में देखने को मिल रहा है।

कटान तेज, घाट पर रहने वालों ने समेटा सामान

जलस्तर बढ़ने के साथ ही गंगा का पानी तेज बहाव के साथ किनारों से टकरा रहा है, जिससे नदी किनारे के खेतों में कटान तेज हो गई है। पांचाल घाट के स्नान घाटों तक पानी पहुंचने के बाद गंगा सेवकों ने अपनी झोपड़ियां और तख्त ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने शुरू कर दिए हैं।

घाट पर मौजूद पंडों का कहना है कि सात सीढ़ियां पूरी तरह पानी में डूब चुकी हैं और उनके तख्तों तक भी पानी पहुंच गया है। एहतियात के तौर पर अधिकांश लोगों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर रख दिया है।

हर साल उजड़ते और बसते हैं गंगापार के गांव

गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ गंगापार के ग्रामीणों की पुरानी चिंता फिर सामने आ गई है। हर वर्ष बाढ़ और कटान के कारण कई गांवों के लोगों को अपना आशियाना छोड़ना पड़ता है। खासकर ढाईघाट क्षेत्र में कई गांव वर्षों में पूरी तरह खत्म हो चुके हैं, जबकि कई गांव हर साल बसते और उजड़ते रहते हैं।

गंगा तटबंध की स्वीकृति के बावजूद शुरू नहीं हुआ निर्माण

फर्रुखाबाद विकास मंच के अध्यक्ष भईयन मिश्रा लंबे समय से गंगा तटबंध निर्माण की मांग उठा रहे हैं। तटबंध परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल चुकी है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तटबंध का निर्माण हो जाता है तो हर साल होने वाली कटान और बाढ़ की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

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