Commonwealth Games: चोट से टूटा तेजस्विन शंकर का सपना, आंखों में आंसू; बाहर होने के बाद भी साथी सर्वेश कुशारे को दिलाई रजत पदक की राह

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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घुटने के दर्द के कारण ऊंची कूद स्पर्धा से हटने पड़े तेजस्विन शंकर, लेकिन मैदान नहीं छोड़ा; तकनीकी सलाह देकर सर्वेश कुशारे की शानदार वापसी में निभाई अहम भूमिका।

ग्लास्गो: भारतीय एथलीट तेजस्विन शंकर के लिए राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा निराशा लेकर आई। वार्म-अप के दौरान घुटने में तेज दर्द उभरने के कारण उन्हें पहले सफल प्रयास के बाद ही प्रतियोगिता से हटना पड़ा। इस घटनाक्रम से तेजस्विन बेहद भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक सके।

हालांकि, प्रतियोगिता से बाहर होने के बावजूद उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा और साथी भारतीय खिलाड़ी सर्वेश कुशारे की मदद के लिए पूरे समय मौजूद रहे। उनकी तकनीकी सलाह ने कुशारे को लय हासिल करने में मदद की, जिसके बाद उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया।

वार्म-अप के दौरान बढ़ा घुटने का दर्द

27 वर्षीय तेजस्विन शंकर ने बताया कि वार्म-अप के दौरान उनके घुटने में तेज दर्द शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि यह समस्या उनके लिए नई नहीं है और ऊंची कूद के खिलाड़ियों में इस तरह की परेशानी आम होती है, जिसे 'जम्पर नी' भी कहा जाता है।

Sarvesh Anil Kushare (1)

तेजस्विन ने कहा कि दर्द ऐसे समय पर उभरा, जब उन्हें विश्वास था कि वह राष्ट्रमंडल खेलों में एक और पदक जीत सकते हैं। इसी वजह से प्रतियोगिता से बाहर होना उनके लिए बेहद निराशाजनक रहा।

अब डेकाथलॉन पर नजर

तेजस्विन शंकर ने उम्मीद जताई कि बृहस्पतिवार से शुरू होने वाली डेकाथलॉन स्पर्धा तक वह पूरी तरह फिट हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों में फिटनेस हासिल करने के लिए वह हरसंभव प्रयास करेंगे और किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ेंगे।

Sarvesh Anil Kushare (2)

साथी खिलाड़ी की सफलता में निभाई अहम भूमिका

प्रतियोगिता से हटने के बाद भी तेजस्विन आयोजन स्थल पर रुके रहे और सर्वेश कुशारे का हौसला बढ़ाते रहे। जब कुशारे की लय बिगड़ने लगी तो तेजस्विन ने उन्हें रन-अप में बदलाव की तकनीकी सलाह दी।

कुशारे ने बाद में स्वीकार किया कि 2.25 मीटर की ऊंचाई पर उनकी लय बिगड़ गई थी, लेकिन तेजस्विन की सलाह के बाद उन्होंने अपने रन-अप में बदलाव किया, जिससे उन्हें प्रदर्शन सुधारने में मदद मिली और वह रजत पदक जीतने में सफल रहे।

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