संसद में Anti Paper Leak Bill 2026 चर्चा, जानें कौन सी बारीकियों पर मंत्री जितेंद्र सिंह और बांसुरी स्वराज ने दिया जोर

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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10 करोड़ तक जुर्माना, फास्ट ट्रैक कोर्ट और 2 महीने में जांच; सरकार ने बताया छात्रों के भविष्य की सुरक्षा का रोडमैप

लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कानून को और सख्त बनाने का खाका पेश किया, जबकि भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने इसे परीक्षा माफिया के खिलाफ निर्णायक कदम बताते हुए विधेयक का समर्थन किया।

नई दिल्लीः देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों के आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को और सख्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संसद में पेश पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर लोकसभा में चर्चा शुरू हो गई। सरकार का कहना है कि नए संशोधन का उद्देश्य परीक्षा माफिया पर कड़ी कार्रवाई, तेज जांच, त्वरित न्याय और सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करना है।

जितेंद्र सिंह बोले- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

लोकसभा में चर्चा की शुरुआत करते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह संशोधन पब्लिक एग्जामिनेशन्स प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट, 2024 को और प्रभावी बनाने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि यह कानून देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और इसी सोच के तहत कानून को और मजबूत बनाया जा रहा है।

UPA काल के पेपर लीक मामलों का किया जिक्र

चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने यूपीए सरकार के कार्यकाल में सामने आए कई कथित पेपर लीक मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने रेलवे भर्ती बोर्ड, ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस परीक्षा, एम्स प्रवेश परीक्षा, महाराष्ट्र बोर्ड, उत्तर प्रदेश बीएड प्रवेश परीक्षा, तमिलनाडु लोक सेवा आयोग और पश्चिम बंगाल जॉइंट एंट्रेंस जैसी परीक्षाओं का हवाला देते हुए कहा कि लंबे समय से ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं, इसलिए एक सख्त केंद्रीय कानून की आवश्यकता महसूस हुई।

NTA गठन को बताया बड़ा सुधार

जितेंद्र सिंह ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का गठन वर्ष 2017 में किया गया था। उनके अनुसार, कॉमन टेस्टिंग एजेंसी की सिफारिश पहले भी कई बार हुई थी, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस दिशा में ठोस पहल करते हुए परीक्षा व्यवस्था को संस्थागत रूप से मजबूत करने का प्रयास किया।

क्या है नई सजा का मापदंड?

सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधन में कई अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं।

- सामान्य मामलों में सजा 3-5 वर्ष से बढ़ाकर 5-10 वर्ष तक करने का प्रस्ताव।
- अधिकतम जुर्माना 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये तक।
- परीक्षा सेवा प्रदाताओं पर जुर्माना 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये तक।
- दोषी सेवा प्रदाताओं पर परीक्षा संचालन प्रतिबंध 4 वर्ष से बढ़ाकर 8 वर्ष।
- संगठित पेपर लीक गिरोहों पर 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना प्रस्तावित।
- ऐसे मामलों में 7 से 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान।
- विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने और जांच दो महीने के भीतर पूरी करने का लक्ष्य।

बांसुरी स्वराज ने किया विधेयक का समर्थन

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में चर्चा के दौरान संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल एक नया कानून नहीं बल्कि करोड़ों छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही पेपर लीक को गंभीर अपराध बता चुके हैं और यह संशोधन उसी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाता है। उनके अनुसार, आज परीक्षा माफिया संगठित रूप से काम कर रहा है, इसलिए उससे निपटने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था आवश्यक है।

टास्क फोर्स और मजबूत जांच तंत्र पर जोर

बांसुरी स्वराज ने कहा कि नए कानून में केंद्र सरकार को विशेष जांच के लिए टास्क फोर्स गठित करने का अधिकार दिया गया है। उन्होंने इसे प्रभावी जांच और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रावधान बताया।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

संसद में बहस के दौरान बांसुरी स्वराज ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर।

उन्होंने यूपीए शासनकाल के दौरान सामने आए कथित पेपर लीक मामलों के साथ राजस्थान, पश्चिम बंगाल और हाल ही में पंजाब की फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में सामने आए हाईटेक ब्लूटूथ तकनीक के कथित इस्तेमाल का भी उल्लेख किया।

पेपर लीक माफिया को दी चेतावनी

बांसुरी स्वराज ने कहा कि संसद का सामूहिक संकल्प किसी भी पेपर लीक गिरोह से बड़ा है। उन्होंने सभी सांसदों से विधेयक का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।

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