Sawan 2026: काशी विश्वनाथ से 'छोटा काशी' तक, सावन में लें यूपी के इन 6 प्रसिद्ध शिव मंदिरों के दर्शन; हर मनोकामना होगी पूरी!
सावन में शिवभक्ति का सबसे बड़ा केंद्र बना उत्तर प्रदेश, इन प्रसिद्ध शिव मंदिरों में दर्शन के लिए उमड़ते हैं लाखों श्रद्धालु
डिजिटल डेस्कः
सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। इस दौरान देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन उत्तर प्रदेश का धार्मिक महत्व सबसे अलग है। इसकी सबसे बड़ी वजह वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग है, जो भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है।
सावन के दौरान कांवड़ यात्रा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के कारण पूरा प्रदेश शिवमय हो जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और आशीर्वाद के लिए उत्तर प्रदेश पहुंचते हैं।
काशी विश्वनाथ के अलावा प्रदेश में कई ऐसे प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिर हैं, जिनका इतिहास सदियों पुराना है और जिनकी धार्मिक मान्यता आज भी अटूट बनी हुई है। सावन के अवसर पर इन मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन, धार्मिक आयोजन और विशाल मेलों का आयोजन किया जाता है। अगर आप भी इस पावन महीने में धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश के ये प्रमुख शिव मंदिर आपकी यात्रा को यादगार बना सकते हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी
उत्तर प्रदेश का सबसे प्रसिद्ध शिवधाम काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। मान्यता है कि यहां दर्शन और गंगा स्नान करने से विशेष आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है। सावन के प्रत्येक सोमवार और महाशिवरात्रि पर यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। गंगा घाटों की दिव्यता इस यात्रा को और अधिक विशेष बना देती है।
मनकामेश्वर महादेव मंदिर, लखनऊ
गोमती नदी के किनारे स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर राजधानी लखनऊ के सबसे प्रमुख शिवालयों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना भगवान शिव अवश्य स्वीकार करते हैं। सावन में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।
पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, मेरठ
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर सावन के दौरान विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाता है। यहां जलाभिषेक, भजन संध्या और धार्मिक आयोजनों के साथ विशाल मेले लगते हैं। बड़ी संख्या में कांवड़िए भी यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मंदिर, गाजियाबाद
गाजियाबाद का प्राचीन दुग्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर दिल्ली-एनसीआर के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है। सावन में यहां विशेष रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। यह मंदिर 'हिरण्यगर्भ महादेव मंदिर मठ' के नाम से भी प्रसिद्ध है।
गोला गोकर्णनाथ मंदिर, लखीमपुर-खीरी
'छोटी काशी' के नाम से प्रसिद्ध गोला गोकर्णनाथ मंदिर भगवान शिव के प्रमुख धामों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग पर रावण के अंगूठे का निशान मौजूद है। महाशिवरात्रि और सावन में यहां जलाभिषेक, भजन-कीर्तन और रात्रि जागरण के भव्य आयोजन होते हैं, जिनमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
बाबा आनंदेश्वर महादेव मंदिर, कानपुर
कानपुर का परमट स्थित बाबा आनंदेश्वर महादेव मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इसका इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है और दानवीर कर्ण गंगा स्नान के बाद यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते थे। मंदिर परिसर में स्थित भव्य शिवलिंग और नंदी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराते हैं। सावन के दौरान यहां विशेष पूजा, जलाभिषेक और विशाल भक्तिमय आयोजन होते हैं।
