Raebareli News : सपा बूथ अध्यक्ष शशिधर यादव हत्याकांड पर बवाल, मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग पर रुका अंतिम संस्कार
सलोन/ रायबरेली। रायबरेली के सलोन कोतवाली क्षेत्र के सोनबरसा गांव में किसान और समाजवादी पार्टी के बूथ अध्यक्ष शशिधर यादव की दिनदहाड़े कुल्हाड़ी से की गई नृशंस हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उनका स्पष्ट कहना था कि जिलाधिकारी से वार्ता और मांगों पर ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट हुई थी।
सपा के जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीरेंद्र यादव, विधानसभा अध्यक्ष पुत्तन यादव समेत कई पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय एवं आर्थिक सहायता दिलाने के लिए प्रशासन से लगातार वार्ता करते रहे।सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी अंकित कुमार, क्षेत्राधिकारी यदुवेंद्र बहादुर पाल और प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने काफी देर तक परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अडिग रहे।
परिजनों ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा की संपूर्ण व्यवस्था तथा नामजद आरोपितों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग रखी।एसडीएम अंकित कुमार ने शासन की ओर से नियमानुसार मिलने वाली सभी सहायता उपलब्ध कराने तथा अन्य मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इसके बावजूद परिजन जिलाधिकारी से सीधे वार्ता किए बिना अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए।
बाद में सपा जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीरेंद्र यादव के नेतृत्व में मृतक के पुत्र, पुत्री एवं अन्य परिजनों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात के लिए जनपद रवाना हो गया। परिजनों का कहना है कि डीएम से मिलने वाले आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।रविवार को हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है। पुलिस गांव में लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
नामजद आरोपियों को पकड़ने पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने घेरा
सलोन रायबरेली। सोनबरसा गांव में किसान शशिधर यादव की हत्या के मामले में पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। मृतक के भाई की तहरीर पर नामजद आरोपियों को हिरासत में लेने पहुंची पुलिस को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस का रास्ता रोक लिया, जिससे आरोपियों को गांव से सुरक्षित बाहर निकालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस को पहले से जानकारी थी कि मृतक समाजवादी पार्टी का बूथ अध्यक्ष था और हत्या के बाद गांव में जबरदस्त तनाव का माहौल है। इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त पुलिस बल भेजने के बजाय केवल कुछ पुलिसकर्मियों और दरोगाओं को मोटरसाइकिलों से गांव भेज दिया गया। संवेदनशील मामले में पुलिस की यह रणनीति भारी पड़ गई।
जैसे ही पुलिस आरोपियों को लेकर गांव से निकलने लगी, ग्रामीणों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। विरोध इतना बढ़ गया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के लिए स्थिति संभालना मुश्किल हो गया और काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिसके बाद कड़ी मशक्कत के बीच आरोपियों को सुरक्षित गांव से बाहर निकाला जा सका।
घटना ने पुलिस की तैयारियों और संवेदनशील मामलों में अपनाई जा रही कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि शुरुआत में पर्याप्त फोर्स भेजी गई होती, तो पुलिस को इस तरह की असहज स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। स्थानीय लोगों में भी पुलिस की इस लापरवाही को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
भाई की तहरीर पर तीन नामजद, पुलिस ने हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ
सलोन (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र के सोनबरसा गांव में सपा बूथ अध्यक्ष शशिधर यादव की धारदार हथियार से की गई निर्मम हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के भाई अनुज यादव की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मृतक के भाई अनुज यादव ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि रविवार दोपहर करीब 3:40 बजे उनके भाई शशिधर यादव खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गांव के मनोज पासी, राजकुमार और विनोद कुमार पहले से घात लगाकर बैठे थे। आरोप है कि तीनों ने शशिधर यादव को देखते ही कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया और गले पर वार कर उनकी मौके पर ही हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। तहरीर में दावा किया गया है कि घटना को खेतों में काम कर रहे कई लोगों ने अपनी आंखों से देखा।
पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सीओ सलोन यादवेन्द्र बहादुर पाल का कहना है कि तीन लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूंछतांछ में जुटी हुई है। साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
