लखनऊ मंडल में धार्मिक व ईको टूरिज्म को मिलेगा नया विस्तार, नैमिषारण्य से दुधवा तक बनेगा पर्यटन सर्किट
परंपरा वन स्टॉप सेंटर से मिलेगी पर्यटन की पूरी जानकारी, 155 करोड़ की योजना पर चर्चा
उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ मंडल में 155 करोड़ रुपये की लागत से 64 पर्यटन, सांस्कृतिक और धार्मिक परियोजनाओं की समीक्षा की। नैमिषारण्य-दुधवा पर्यटन सर्किट, परंपरा वन स्टॉप सेंटर और प्रमुख मंदिरों के विकास पर विशेष जोर।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ मंडल को धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को लखनऊ मंडल की पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में वर्ष 2026-27 की लगभग 155 करोड़ रुपये की लागत वाली 64 परियोजनाओं पर विस्तार से मंथन किया। बैठक में लखनऊ को प्रदेश का प्रमुख पर्यटन प्रवेश द्वार बनाने, नैमिषारण्य से दुधवा तक पर्यटन सर्किट विकसित करने तथा धार्मिक स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया।
बैठक में लखनऊ की 22, सीतापुर की 15, हरदोई की 10, लखीमपुर खीरी की सात तथा उन्नाव और रायबरेली की पांच-पांच परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि लखनऊ केवल प्रदेश की राजधानी ही नहीं, बल्कि नैमिषारण्य, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और मंडल के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का प्रवेश द्वार है। इसलिए पर्यटन परियोजनाओं को इस प्रकार विकसित किया जाए कि राजधानी आने वाले पर्यटक आसानी से अन्य पर्यटन स्थलों तक भी पहुंच सकें।
बैठक में लगभग आठ करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 'परंपरा वन स्टॉप सेंटर फॉर टूरिज्म एंड कल्चर' परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। इस केंद्र के माध्यम से पर्यटकों को लखनऊ मंडल के धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की समग्र जानकारी तथा पर्यटन सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। लखनऊ में बुद्धेश्वर महादेव मंदिर, नाका हिंडोला गुरुद्वारा, हनुमंत धाम, राम जानकी मंदिर और भुइयां देवी मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास की समीक्षा की गई। वहीं सीतापुर में नैमिषारण्य के ललिता देवी मंदिर, चक्रतीर्थ और राजघाट को जोड़ने वाले दो धार्मिक कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।
इसके अलावा सोनासरी देवी मंदिर, मां संकटा देवी धाम और झारखंडेश्वर महादेव मंदिर के विकास पर भी चर्चा हुई। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के निकट ईको रिट्रीट विकसित करने की योजना प्रस्तुत की गई। उन्नाव स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार में राही पर्यटन आवास गृह के पुनर्विकास का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे बर्ड वॉचिंग और नेचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
हरदोई में महर्षि दधीचि मंदिर और सरस हाट, जबकि रायबरेली में महाराजा महे पासी किला और चंपा देवी मंदिर सहित अन्य ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के विकास की योजनाओं की समीक्षा की गई। लखीमपुर खीरी और उन्नाव के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भी पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत ढांचे के विकास पर विचार किया गया।
बैठक में संस्कृति विभाग की निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई। रायबरेली के डलमऊ स्थित प्राचीन रामलीला स्थल के विकास एवं सौंदर्यीकरण, हरदोई के सवायजपुर, बावन और भरखनी, लखनऊ के ऐशबाग एवं मोहनलालगंज तथा उन्नाव के वृंदावन पार्क स्थित रामलीला स्थलों के विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। इसके अलावा रायबरेली के सलोन में अवध केसरी राणा बेनी माधव बक्श सिंह की स्मृति में सभागार एवं पुस्तकालय तथा उन्नाव के बदरका स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली पर बहुउद्देशीय हॉल के निर्माण की समीक्षा भी की गई।
लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश संस्कृति संग्रहालय, डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र, संगीत नाटक अकादमी, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, बिरजू महाराज कथक संस्थान, राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह और राज्य संग्रहालय सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया गया। प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, लोक कला संग्रहालय, आधुनिक पुस्तकालय, कैफेटेरिया, ऑडिटोरियम, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं के उन्नयन के कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे करने के निर्देश दिए गए।
धर्मार्थ कार्य विभाग की पांच परियोजनाओं में सीतापुर का दधीचि कुंड, लखीमपुर खीरी का लीलानाथ शिव मंदिर, उन्नाव का चंद्रेश्वर महादेव मंदिर तथा रायबरेली के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास संबंधी प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। पर्यटन महानिदेशक डॉ. वेदपति मिश्रा ने कहा कि लखनऊ मंडल की परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको टूरिज्म को एक समग्र पर्यटन अनुभव के रूप में विकसित करना है।
वहीं मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का भूमि उपलब्धता, संपर्क मार्ग, पर्यटक आवागमन और दीर्घकालिक अनुरक्षण के आधार पर मूल्यांकन करते हुए निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बिसवां विधायक निर्मल वर्मा, लखनऊ सदर से विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह, मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह, लखीमपुर सदर विधायक योगेश वर्मा, मिश्रिख विधायक रामकृष्ण भार्गव, संडीला विधायक अलका सिंह अर्कवंशी, गोला विधायक अमन गिरि, लखनऊ उत्तर विधायक डॉ. नीरज बोरा, बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार, लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सांसद अशोक रावत, कारागार राज्य मंत्री सुरेश राही तथा सरोजिनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
