Budaun News : गंगा की तेज लहरों से असमिया रफतपुर बांध पर मंडराया खतरा
दातागंज क्षेत्र के हजरतपुर में रामगंगा और उसहैत में कहर बरपा रही गंगा, गंगा में समाया कदम नगला प्राइमरी स्कूल का आधा हिस्सा, ग्रामीण भयभीत
बदायूं में गंगा, रामगंगा और महावा नदी उफान पर हैं। उसहैत के कदम नगला में प्राथमिक स्कूल गंगा में समा गया है और बांधों पर खतरा बढ़ गया है।
बदायूं,अमृत विचार। पहाड़ों से आ रहा पानी अब मैदानी क्षेत्र को डुबो रहा है। जल प्रलय को देख ग्रामीणों में भय बना हुआ है। उसहैत के कदम नगला का प्राथमिक स्कूल का आधा हिस्सा गंगा में समा गया है। ग्रामीण कटान को देख गांव छोड़ रहे हैं। असमिया रफतपुर बांध से पानी की लहरें टकरा रहीं हैं, जिससे बांध पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। प्रशासन और बाढ़ खंड ने बांध की निगरानी बढ़ा दी है।
गंगा में आ रहा पानी अब निचले इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है। तटवर्ती गांवों में पानी पहुंच चुका है। ग्रामीण घर-बार छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। उसहैत के ग्राम कदम नगला का प्राथमिक स्कूल का आधा हिस्सा गंगा में समा चुका है। शेष भाग कभी भी गंगा में कट सकता है। ग्रामीण स्कूल को कटते देखकर भयभीत हैं।
उसहैत क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सड़कों पर पानी भर गया है जिससे आवागमन ठप हो चुका है। बाढ़ की तबाही झेल रहे ग्रामीण जिला प्रशासन से मदद की गुहार कर रहे हैं।
उधर कछला गंगा में शनिवार को नरौरा बैराज से एक लाख 72 हजार 128 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे कछला गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। आज गंगा का जलस्तर 162,26 मीटर गेज मापा गया। जो पिछले कई दिनों से अधिक है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। क्षेत्र के चंदनपुर गांव के तटबंध पर बाढ़ खंड ने निगरानी बढ़ा दी है। गंगा का पानी बांध से टकरा रहा है जिससे खतरा और भी बढ गया है। चंदनपुर गांव में भी पानी घुसने लगा है जिससे गांव के लोग अब ऊपरी स्थानों की ओर रुख कर रहे हैं।
कादरचौक क्षेत्र के ग्राम ककोड़ा पर गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। इस इलाके में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। करीब दो किमी तक गंगा ने फसलें डुबो दी हैं। गंगा के किनारे के सभी गांव बाढ़ की चपेट में हैं। लेकिन दातागंज तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक ग्रामीणों को किसी तरह की मदद नहीं दी गई है।
रामगंगा उफान पर, सुरक्षा के प्रबंध नहीं
रामगंगा का पानी अब ऊपर की ओर बढ़ रहा है जिससे कई गांवों में बाढ़ की आशंका व्यक्त की जा रही है। सिमरिया और भाऊ नगला तक पानी दिखाई दे रहा है। रामगंगा ने कटान शुरू कर दिया है। तीन दिन तक इस क्षेत्र में स्थिति सामान्य रही, उसके बाद जलस्तर में अचानक वृद्धि दर्ज की गई। अब हजरतपुर क्षेत्र में रामगंगा के किनारे बसे गांव पानी से घिर चुके हैं। पिपरा सहित कई अन्य गांव के लोगों ने दातागंज तहसील प्रशासन से बाढ़ से बचाव करने की गुहार की है। इस क्षेत्र में अभी तक स्टीमर नहीं दिए गए हैं।
महावा नदी में बढ़ रहा पानी, खतरा शुरू
सहसवान की महावा नदी में दो दिन से पानी बढ़ रहा है जिससे तटवर्ती गांव के घरों को बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि बांध के अंदर आधा दर्जन गांव हैं जो हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं। इस बार अब बाढ़ ने दस्तक दी है जिससे ग्रामीणों में घबराहट देखी जा रही है। सहसवान तहसील प्रशासन दो दिन से बांध की निगरानी कर रहा है। बाढ़ खंड के अधिकारी भी 14 किमी लंबे बांध पर लगातार निगाह रख रहे हैं।
शनिवार को नरौरा बैराज से करीब पौने दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे उसहैत क्षेत्र में कटान शुरू हो चुका है। बाढ़ खंड बांध की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। ग्रामीणों से संपर्क किया जा रहा है। फिलहाल स्थिति गंभीर है, अधिकारी मौके पर जायजा ले रहे हैं। -नेशपाल, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड।
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