हल्द्वानी के मंच से कांग्रेस का बड़ा संदेश : विधानसभा के साथ लोकसभा की भी तैयारी, राहुल गांधी को पीएम बनाने का आह्वान

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
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छह माह में विधानसभा, तीन साल में लोकसभा का लक्ष्य

विजय शंखनाद कार्यक्रम में खरगे से लेकर प्रदेश नेताओं तक ने राहुल गांधी के नेतृत्व को आगे बढ़ाया; छह माह बाद विधानसभा चुनाव, करीब तीन साल बाद लोकसभा की रणनीति पर नजर

नरेन्द्र देव सिंह/हल्द्वानी, अमृत विचार: रामलीला मैदान में कांग्रेस के विजय शंखनाद कार्यक्रम का फोकस भले ही आगामी विधानसभा चुनाव रहा हो, लेकिन मंच से पार्टी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों का भी संकेत दे दिया। छह माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने के साथ कांग्रेस ने राहुल गांधी को अगले प्रधानमंत्री के रूप में पेश करने की रणनीति भी साफ कर दी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर उत्तराखंड के प्रमुख नेताओं तक ने मंच से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का आह्वान किया।

कांग्रेस पर लंबे समय से भाजपा की तुलना में चुनावी तैयारियों में पीछे रहने का आरोप लगता रहा है। अब पार्टी इसी छवि को बदलने की कोशिश में जुटी नजर आ रही है। विधानसभा चुनाव से करीब छह माह पहले कांग्रेस ने लगातार कार्यक्रमों के जरिए संगठन को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। जुलाई में राहुल गांधी का देहरादून में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम और इसके बाद दिल्ली में युवाओं के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के भी किए गए प्रदर्शन को इसी रणनीति की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

रामलीला मैदान में भी कांग्रेस ने युवाओं के मुद्दों को केंद्र में रखा। बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े सवालों के जरिए पार्टी ने सरकार को घेरने की कोशिश की। राजनीतिक रूप से कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण बात राहुल गांधी के चेहरे को लगातार आगे बढ़ाना रही। खरगे ने जनता से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की अपील की। प्रदेश के नेताओं हरक सिंह, यशपाल आर्य और सुमित हृदयेश समेत अन्य वक्ताओं ने भी इसी सुर को आगे बढ़ाया। बारह साल से सत्ता से दूर कांग्रेस अब भाजपा की आक्रामक चुनावी रणनीति का मुकाबला करने के लिए ''फ्रंटफुट'' पर खेलने की तैयारी में है। विजय शंखनाद के मंच से राहुल गांधी के ''राजतिलक'' का आह्वान इसी बदले राजनीतिक तेवर का संकेत माना जा रहा है।

छह माह में विधानसभा, तीन साल में लोकसभा का लक्ष्य

राजनीतिक जानकारों की नजर में कांग्रेस का यह अभियान केवल विधानसभा चुनाव तक सीमित नहीं है। विधानसभा चुनाव में जहां करीब छह माह का समय बचा है, वहीं लोकसभा चुनाव में अभी करीब तीन साल हैं। इसके बावजूद कांग्रेस ने राष्ट्रीय नेतृत्व और राहुल गांधी के चेहरे को अभी से केंद्र में लाकर दीर्घकालिक राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। भाजपा के पीएम नरेंद्र मोदी के रूप में बड़ा चेहरा है तो कांग्रेस भी अब अपना चेहरे के रूप में राहुल गांधी का कद बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रही है।

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