Lakhimpur Kheri News : विनीत कश्यप का ई-रिक्शा खोजकर खामोश बैठ गई पुलिस, एसपी ऑफिस घेराव के बाद शव बरामद 

Amrit Vichar Network
Edited By Ateeq Khan
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परिजनों ने लगाया था अपहरण का आरोप, तीन अगस्त से लापता थे विनीत कश्यप 

घटनाक्रम फरधान क्षेत्र का है। सूरज-सराय गांव के विनीत कश्यप ई-रिक्शा चलाते थे। 3 अगस्त की दोपहर को विनीत का अपहरण हुआ। रात में गश्त के दौरान संकटदेवी चौकी के पास पुलिस को ई-रिक्शा मिला। लेकिन विनीत नहीं।

अमृत विचार : लखीमपुर खीरी में विनीत कश्यप के अपहरण में परिवार को जिस बात की आशंका थी-वही हुआ। पुलिस ने विनीत का शव बरामद किया है। शव की हालत काफी खराब है। शुरुआत से ही इस केस में लापरवाह रही फरधान पुलिस कातिलों की तलाश में जुट गई है। परिवार वाले बिलख रहे हैं। हत्यारों पर तो गुस्सा है ही, पुलिस के रवैये से भी दुखी हैं। 

घटनाक्रम फरधान क्षेत्र का है। सूरज-सराय गांव के विनीत कश्यप ई-रिक्शा चलाते थे। 3 अगस्त की दोपहर को विनीत का अपहरण हुआ। रात में गश्त के दौरान संकटदेवी चौकी के पास पुलिस को ई-रिक्शा मिला। लेकिन विनीत नहीं। अनहोनी की आशंका पर परिवार वाले तड़प उठे। परिवार वाले विनीत की तलाश में लीला कुआं चौकी, फरधान थाना, एलआरपी चौकी और सदर कोतवाली समेत कई स्थानों पर भटकते रहे। लेकिन ने उनके केस में तत्परता नहीं दिखाई। आखिर में परिजनों ने एसपी ऑफिस पहुंचकर, अपना विरोध जाहिर किया। तब जाकर पुलिस हरकत में आई और अब विनीत कश्यप का क्षत-विक्षत शव बरामद किया है। 

एसपी कार्यालय घेरने के बाद तेज हुई जांच


परिजनों और ग्रामीणों द्वारा लगातार तलाश और मामले को मीडिया में प्रमुखता से उठाए जाने के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर घेराव भी किया। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की और मामले की कड़ियां जोड़ते हुए विनीत के शव के अवशेष बरामद किए।

दो लोगों पर घटना को अंजाम देने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, लीला कुआं क्षेत्र के पास देवरिया गांव निवासी अभिषेक और मधुराम के बेटे को घटना से जोड़कर जांच की जा रही है। दोनों को चाचा-भतीजा बताया जा रहा है। पुलिस मामले में उनकी भूमिका की जांच कर रही है। घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।


बच्चे-बुजुर्ग बिलखते रहे 

विनीत की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार में उसकी दो छोटी बच्चियां, विधवा मां और बुजुर्ग दादा-दादी हैं। विनीत की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।  परिजनों का कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर ही पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती तो शायद विनीत की तलाश में इतना समय नहीं लगता। अब परिवार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग कर रहा है।

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