किसान की हत्या : हत्यारों ने गले और आंख पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उतारा मौत के घाट

Amrit Vichar Network
Edited By Virendra Pandey
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सलोन, रायबरेली, अमृत विचार: कोतवाली क्षेत्र के सोनबरसा गांव में रविवार को एक किसान की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी गई। हमलावरों ने किसान के गले पर ताबड़तोड़ वार किए और दाहिनी आंख पर भी प्रहार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रविवार को क्षेत्र में हुई दूसरी हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

जांच करती पुलिस
दिनदहाड़े किसान की हत्या के बाद घटनास्थल पर जांच में जुटी पुलिस, मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़

 

सोनबरसा निवासी शशिधर यादव पुत्र स्वर्गीय बुद्धीलाल रविवार दोपहर करीब दो बजे घर से निकले थे। सड़क किनारे स्थित दुकान पर पान खाने के बाद वह अपने खेत की ओर जा रहे थे। करीब तीन बजे खेत के पास पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उन पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला बोल दिया।

हमलावरों ने गले पर कई वार किए और दाहिनी आंख पर भी वार कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। खून से लथपथ शव देखकर गांव में चीख-पुकार मच गई।

सूचना पर क्षेत्राधिकारी यदुवेंद्र पाल और नवागंतुक कोतवाली प्रभारी संदीप कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसओजी और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर अहम साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

कोतवाल सन्दीप कुमार राय का कहना है कि हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। हर पहलू पर गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एक ही दिन में दो हत्याएं... चार्ज बदला, लेकिन अपराधियों का खौफ नहीं

रविवार सलोन पुलिस के लिए सबसे कठिन दिनों में दर्ज हो गया। शनिवार की देर रात्रि से रविवार सुबह तक कोतवाली की कमान पूर्व प्रभारी निरीक्षक बालेंदु गौतम के पास थी। इसी दौरान क्षेत्र में पहली हत्या हुई। इसके बाद रविवार दोपहर नवागत प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार राय ने कार्यभार संभाला। लेकिन चार्ज संभालने के कुछ ही समय बाद सोनबरसा गांव में किसान शशिधर यादव की दिनदहाड़े कुल्हाड़ी से नृशंस हत्या कर दी गई।

एक ही दिन में दो-दो हत्याओं ने सलोन की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेखौफ अपराधियों ने यह संदेश देने की कोशिश की कि पुलिस की मौजूदगी या नेतृत्व परिवर्तन का उन पर कोई असर नहीं है। 

शव से लिपटकर बिलखता  परिवार पूछता रहा—क्या कसूर था उसका?

पांच भाइयों में चौथे नंबर के शशिधर यादव परिवार की मजबूत कड़ी थे। बड़े भाई रामानंद (55), केदार यादव (53), प्रकाश यादव (51) और छोटे भाई अनिल यादव (48) का रो-रोकर बुरा हाल है। हर किसी की जुबान पर बस एक ही सवाल है-आखिर शशिधर की हत्या किसने और क्यों की?

पत्नी प्रेमलता पर तो मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जवान बेटे अनुज यादव (21) के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि बेटी सारिका (17) सदमे में है। घर के कोने-कोने में पसरा सन्नाटा और परिजनों की सिसकियां हर आने-जाने वाले की आंखें नम कर रही हैं।

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