संसद का मानसून सत्र हंगामे के बीच खत्म, तय समय से पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई लोकसभा

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही करीब 11 बजे ही स्थगित; आखिरी दिन पीएम मोदी और अमित शाह भी सदन में पहुंचे, टी कार्यक्रम से कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने बनाई दूरी

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का आखिरी दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार को तय कार्यक्रम के मुताबिक समाप्त होनी थी, लेकिन विपक्षी दलों के जोरदार विरोध और नारेबाजी के बीच सदन को निर्धारित समय से पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी लोकसभा पहुंचे। 20 जुलाई के बाद पहली बार अमित शाह सदन में नजर आए।

कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। कुछ देर बाद वंदे मातरम के दौरान सदन में माहौल शांत हुआ, लेकिन इसके तुरंत बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

स्पीकर के टी कार्यक्रम से भी विपक्ष ने बनाई दूरी

सत्र समाप्त होने के बाद संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से आयोजित टी कार्यक्रम में कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन के कई विपक्षी दल शामिल नहीं हुए। आम तौर पर सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।

पूरे सत्र में छाया रहा विरोध और नारेबाजी का मुद्दा

मानसून सत्र के दौरान ज्यादातर समय सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। विपक्षी दल दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते रहे। इसके अलावा राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा की मांग उठाई गई।

विपक्षी सांसदों की ओर से ‘चंदा किसने लूटा’ और ‘अमित शाह सदन में आओ’ जैसे नारे लगाए गए। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ एनडीए के सांसदों ने झारखंड में हुए लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा और ‘राहुल गांधी जवाब दो’ जैसे नारे लगाए।

अमित शाह ने चर्चा के लिए जताई थी तैयारी

सत्र के अंतिम दिनों में सरकार की ओर से विपक्ष के उठाए मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही गई थी। बुधवार को अमित शाह ने भी स्पष्ट किया था कि वह विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर चर्चा के लिए समय तय करने का आग्रह किया था।

अमित शाह ने विपक्ष पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया था। वहीं विपक्ष लगातार सरकार से विभिन्न मुद्दों पर जवाब मांगता रहा।

सदन के बाहर भी आमने-सामने आए सत्ता पक्ष और विपक्ष

सत्र के आखिरी दिनों में संसद परिसर में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच नारेबाजी देखने को मिली। एनडीए और विपक्षी सांसद आमने-सामने आ गए। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इसे लेकर कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि सत्ताधारी दल के नेता ही प्रदर्शन कर रहे हैं।

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