Budaun News : मानसिक मंदित से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल के कारावास की सजा

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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न्यायाधीश ने पाया दोषी, कारावास के अलावा 41 हजार रुपये लगाया जुर्माना

बदायूं में 16 वर्षीय मानसिक मंदित किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को 10 साल कारावास और 41 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

बदायूं, अमृत विचार। कपड़े सुखाने गई मानसिक मंदित को खींचकर कमरे में ले जाने, हाथ-पैर बांधकर दुष्कर्म करने के आरोपी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कक्ष संख्या तीन की न्यायाधीश नीलांजना ने दोषी पाया है। दोषी को 10 साल के कारवास और 41 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना की पूरी धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा ने 18 अप्रैल 2024 को थाना वजीरगंज पर तहरीर देकर गांव नंदवारी निवासी रामफल भगत पुत्र नंनकी पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में बताया कि उसकी 16 साल की मानसिक मंदित बेटी 17 अप्रैल 2024 को कपड़ा सुखाने को गांव के नेकपाल के घर पर गई थी। उसका घर खाली था। घर पर कोई नहीं था। दोपहर लगभग तीन बजे रामफल आया और उसकी बेटी को खींचकर अपने घर पर कमरे में ले गया। उनके छोटे बेटे ने देखा और अपने घर पर आकर जानकारी दी। वादी मुकदमा आरोपी के घर गए तो घर बंद मिला। वह छत पर चढकर घर में घुसे। उसकी बेटी के हाथ और पैर बंधे थे। वह चिल्ला रही थी। आरोपी उसे छोड़कर मौके से भाग गया। उसने बेटी के हाथ-पैर खोले तो उसने रामफल के उसके साथ गलत काम के बारे में बताया।

न्यायालय में रामफल पर मानसिक मंदित नाबालिक लड़की से दुष्कर्म करने के आरोप का मुकदमा चला। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। विशेष लोक अभियोजक प्रदीप भारती और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।

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