मुरादाबाद: राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नेतृत्व करेंगी ‘सुहाना’
मुरादाबाद, अमृत विचार। टेबल टेनिस में मुरादाबाद की शान बढ़ा चुकी सुहाना अब प्रदेश का मान बढ़ाने के लिए सोनीपत जाएंगी। प्रदेश का नेतृत्व करते हुए यह खिलाड़ी यूपी को नंबर वन बनाने के लिए पसीना बहाएंगी। टैक्सी ड्राइवर की इस बिटिया ने शहर का ही नहीं, परिवार का भी नाम रोशन कर दिया है। …
मुरादाबाद, अमृत विचार। टेबल टेनिस में मुरादाबाद की शान बढ़ा चुकी सुहाना अब प्रदेश का मान बढ़ाने के लिए सोनीपत जाएंगी। प्रदेश का नेतृत्व करते हुए यह खिलाड़ी यूपी को नंबर वन बनाने के लिए पसीना बहाएंगी। टैक्सी ड्राइवर की इस बिटिया ने शहर का ही नहीं, परिवार का भी नाम रोशन कर दिया है। अब परिवार के लोगों को इंतजार है सोनीपत में होने वाले टूर्नामेंट की।
सुहाना ने आगरा में आयोजित 67वीं यूपी स्टेट टेबल टेनिस चेंपियनशिप में महिला वर्ग में जीत दर्ज कर ट्राफी अपने नाम की थी। मुरादाबाद की बेटी सुहाना नार्जीनारी ने एकलव्य स्टेडियम आगरा में हुए यूपी स्टेट टेबल टेनिस चेंपियनशिप में लखनऊ की गुनगुन साहू को 11-6, 17-15 व 11-7 से हराकर स्टेट चेंपियन का खिताब अपने नाम किया था। उसके बाद से परिवार में खुशी है तो उसके कोच और साथी खिलाड़ी भी गदगद थे। इससे पहले सुहाना ने वर्ष 2019 में जम्मू कश्मीर में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित टूर्नामेंट में कांस्य पदक हासिल किया था। आगरा में खिताब जीतने के बाद अब वह सोनीपत में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए तैयारी कर रही हैं। प्रदेश का नेतृत्व करते हुए वे टेबल टेनिस खेलने उतरेंगी।
चार खिलाड़ियों ने यूपी टीम में पाई जगह
कैडिट बालक वर्ग में मुरादाबाद के मोहम्मद हस्सान दूसरे स्थान पर रहे। इसी वर्ग में मुरादाबाद के विख्यात कत्याल और मोहम्मद नोमान तीसरे व पांचवे स्थान पर रहे। टेबल टेनिस एसोसिएशन के सचिव योगेंद्र गौतम ने बताया कि मुरादाबाद के चारों ही खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए यूपी की टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है।
फूफा से मिली प्रेरणा
सुहाना को टेबल टेनिस की प्रेरणा उसके फूफा से मिली। उसने बताया कि पहले कोच फूफा थे। छह साल की उम्र से खेल रही है। इसके साथ ही वह बताती हैं कि उन्हें यहां तक पहुंचाने में उनके गुरु रफी हुसैन का भी बड़ा साथ रहा है। उन्होंने जो गुर सिखाए और सीख दी, हमेशा काम आती है। पिता पारितोष और मां सुचित्रा ने बेटी हर दम हौसला बढ़ाया और उसे खेलने से नहीं रोका। सुहाना अपनी मेहनत और लगन से खेल में महारथ हासिल कर रही हैं। उसका सपना है कि वह जल्द ही अपने देश के लिए भी खेले।
