Raebareli News : गंगाजल ले जाओं आधार अपडेट कराओ, रायबरेली डाकघर में 30 रुपए की शीशी खरीदने को मजबूर ग्रामीण

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
On

रायबरेली के एक डाकघर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में आरोप है कि आधार अपडेट का फॉर्म लेने के लिए लोगों से गंगाजल खरीदने को कहा जा रहा है। मामले को लेकर लोगों में नाराजगी है।

रायबरेली, अमृत विचार। डलमऊ क्षेत्र के मुराई बाग स्थित डाकघर में इन दिनों आधार कार्ड अपडेट कराने आ रहे ग्रामीणों को एक अजीब और परेशानी भरी स्थिति से गुजरना पड़ रहा है। डाकघर में अपनी बारी का इंतजार कर रहे ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि आधार कार्ड में संशोधन या नए फॉर्म के लिए आने वाले लोगों को 30 रुपये मूल्य की गंगा जल की शीशी खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। स्थिति यह है कि यदि कोई व्यक्ति गंगा जल लेने से मना कर देता है, तो उसे आधार संशोधन का फॉर्म देने से ही साफ मना कर दिया जाता है। 

ग्रामीण जल खरीदें जाने को लेकर जताया गहरा रोष 

इस नियम से विशेष रूप से गरीब और असहाय ग्रामीण सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जिनके लिए अनचाही खरीदारी करना आर्थिक रूप से कठिन साबित हो रहा है। डाकघर परिसर में अपनी समस्या लेकर पहुंचे स्थानीय निवासियों में इस व्यवस्था को लेकर गहरा रोष व्याप्त है।

मुराई बाग के रहने वाले रमेश तथा मोहद्दीपुर निवासी राजू, सुरेश और कमलाशंकर ने बताया कि वे कई घंटों तक लाइन में खड़े रहे, लेकिन जब तक उन्होंने 30 रुपये देकर गंगा जल की शीशी नहीं खरीद ली, तब तक कर्मचारियों ने उनके आधार कार्ड में संशोधन की प्रक्रिया शुरू ही नहीं की।

ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि आधार जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य सरकारी सेवा को किसी उत्पाद की बिक्री से जोड़कर देखना पूरी तरह से अनुचित है और इससे आम जनता पर अनावश्यक दबाव बन रहा है।

इस मामले पर क्या बोले  डाकघर के प्रभारी 

​वहीं दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर डाकघर के प्रभारी अजय पाल ने बताया कि डाक विभाग के उच्च अधिकारियों और डिवीजन स्तर से ही डाकघर को बिक्री के लिए 250 ग्राम वाली गंगाजल की 40 से 50 शीशियां भेजी गई हैं, जिनकी निर्धारित कीमत 30 रुपये प्रति शीशी है।

प्रभारी का दावा है कि वे केवल केंद्र सरकार और विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कर रहे हैं तथा किसी भी व्यक्ति को जबरन गंगाजल खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारी के इन दावों और डाकघर पहुंचे आवेदकों की आपबीती में भारी अंतर देखने को मिल रहा है, जिससे ग्रामीणों के बीच असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

ये भी पढ़े : 
लखनऊ का स्वाद चखेंगे जापानी मेहमान, काशी की संस्कृति और आगरा की विरासत से रूबरू होगा 240 सदस्यीय दल

संबंधित समाचार