फिर धंसने लगी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सड़क! 700 मीटर में दरारें, एक लेन से गुजर रहे वाहन

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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25 जुलाई और 5 अगस्त के बाद फिर सामने आई सड़क की खराब स्थिति, कानपुर से लखनऊ जाने वाले वाहनों को एक लेन और करीब 1.5 किमी डायवर्जन से निकाला जा रहा

लखनऊः लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने और क्षतिग्रस्त होने की समस्या एक बार फिर सामने आई है। गुरुवार को करीब 700 मीटर लंबे हिस्से में जगह-जगह दरारें दिखाई दीं। कुछ हिस्सों में व्हील ट्रैक भी बन गए। स्थिति को देखते हुए कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाली दो लेन को बंद कर मरम्मत शुरू कराई गई है। फिलहाल वाहनों को एक लेन से निकाला जा रहा है और करीब डेढ़ किलोमीटर का डायवर्जन लागू है।

16 दिन पहले भी धंसी थी 200 मीटर सड़क

यह समस्या एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 64.4 पर कोरारी और अड़ेरुआ गांव के बीच पहले भी सामने आ चुकी है। 25 जुलाई को यहां सड़क धंसने की शिकायत मिली थी। इसके बाद 5 अगस्त की रात इसी क्षेत्र में करीब 200 मीटर सड़क धंस गई थी। करीब एक सप्ताह तक मरम्मत का काम चला था।

अब दोबारा आसपास के हिस्से में दरारें और व्हील ट्रैक सामने आने से एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

रात में ही शुरू हुई सड़क की मरम्मत

बुधवार रात किलोमीटर संख्या 61.4 से 63 के बीच सड़क पर कई स्थानों पर दरारें दिखाई दीं। करीब तीन मीटर हिस्से में व्हील ट्रैक भी बन गए थे। इसके बाद निर्माण एजेंसी पीएनसी ने रात में ही मरम्मत का काम शुरू करा दिया।

किलोमीटर संख्या 62 से 62.1 तक करीब 100 मीटर हिस्से में पैचवर्क किया गया। गुरुवार सुबह किलोमीटर संख्या 61.4 से 62 तक भी मरम्मत शुरू कर दी गई।

काम के दौरान सड़क की ऊपरी परत को हटाकर डामर और गिट्टी निकाली जा रही है। इसके बाद नए सिरे से सड़क की परत तैयार की जा रही है। मरम्मत के चलते कानपुर से लखनऊ जाने वाली दो लेन बंद हैं।

एक लेन से गुजर रहा ट्रैफिक, डेढ़ किलोमीटर डायवर्जन

दो लेन बंद होने के कारण फिलहाल वाहनों को एक लेन से निकाला जा रहा है। इसके अलावा करीब डेढ़ किलोमीटर का डायवर्जन भी लागू किया गया है। इससे एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

बारिश के बाद ड्रेनेज सिस्टम पर भी सवाल

एक्सप्रेसवे पर सड़क की स्थिति के साथ बारिश के बाद ड्रेनेज सिस्टम को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कई जगह सड़क की पटरी और आसपास की मिट्टी कट गई है।

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 54 पर मंगतखेड़ा अंडरपास के पास बड़ा रेन कट हुआ है। बताया गया कि बारिश के पानी के कारण करीब 20 फीट मिट्टी बह गई। इससे सड़क के धंसने का खतरा बढ़ गया है।

करीब एक सप्ताह पहले भी इसी स्थान पर मिट्टी धंसी थी, जिसके बाद मरम्मत कराई गई थी। बुधवार रात हुई बारिश के बाद यहां दोबारा मिट्टी कटने की समस्या सामने आई।

लोकार्पण के 12 दिन बाद ही सामने आई थी पहली परेशानी

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की समस्या लोकार्पण के महज 12वें दिन सामने आ गई थी। 25 जुलाई को पहली बार सड़क धंसने की घटना सामने आई। इसके बाद 5 अगस्त को करीब 200 मीटर हिस्से में सड़क धंस गई।

लगातार सामने आ रही सड़क की खामियों के बीच अब करीब 700 मीटर हिस्से में दरारें और व्हील ट्रैक मिलने से एक्सप्रेसवे के निर्माण और गुणवत्ता को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।

PNC का दावा- मरम्मत का काम लगभग पूरा

पीएनसी के मैनेजर विजय एस कुंडू ने बताया कि बुधवार रात बारिश रुकने के बाद प्रभावित हिस्सों में तत्काल मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया था। उन्होंने कहा कि जहां भी कमियां सामने आ रही हैं, उन्हें पूरी तरह ठीक किया जा रहा है। उनके मुताबिक पूरे एक्सप्रेसवे की मरम्मत का काम लगभग पूरा हो चुका है।

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