स्कूल के पास सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, अवैध कब्जा हटाते ही मचा हंगामा; परिवार ने मांगी 4 दिन की मोहलत

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Edited By Muskan Dixit
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श्रावस्ती के जुड़पनिया गांव में खलिहान और चकमार्ग की जमीन से प्रशासन ने हटाया कब्जा; पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई, बाकी सामान हटाने के लिए परिवार को चार दिन का समय

श्रावस्ती: सिरसिया थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत मदरहवा के मजरा जुड़पनिया में गुरुवार को प्रशासन ने सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की। स्कूल की बाउंड्रीवॉल से सटी खलिहान और चकमार्ग की भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण को प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से हटाया।

कार्रवाई के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब कब्जेदार के परिवार के लोग अचानक जेसीबी के सामने पहुंच गए और आगे की कार्रवाई रोकने की मांग करने लगे।

खलिहान और चकमार्ग की जमीन पर था कब्जा

जानकारी के मुताबिक, जुड़पनिया गांव में गाटा संख्या 355 से सटी गाटा संख्या 356 की भूमि खलिहान और चकमार्ग के लिए दर्ज है। आरोप है कि गांव के राम बहादुर उर्फ गोबरे ने लंबे समय से इस जमीन पर कब्जा कर रखा था।

शिकायत मिलने के बाद राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गुरुवार को गांव पहुंची। टीम ने मौके का निरीक्षण करने के बाद बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

जेसीबी के सामने पहुंचे परिवार के लोग

प्रशासन की कार्रवाई के दौरान कब्जेदार के परिवार के सदस्य अचानक जेसीबी के सामने आ गए। उन्होंने अधिकारियों से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई और वहां रखा अपना सामान सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए कुछ समय देने की मांग की।

मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार प्रशांत सिंह ने बताया कि खलिहान की आधी जमीन को पूरी तरह कब्जामुक्त करा लिया गया है। बाकी हिस्से में कब्जेदार के पशुओं का चारा और अन्य सामान रखा हुआ है।

चार दिन की मिली मोहलत

परिवार के अनुरोध पर प्रशासन ने उन्हें सामान खुद हटाने के लिए चार दिन का समय दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में यदि कब्जा नहीं हटाया गया तो प्रशासन दोबारा बुलडोजर चलाकर जमीन को खाली कराएगा।

प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।

पुलिस और राजस्व टीम रही मौजूद

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उपनिरीक्षक अमरचंद, लेखपाल विकास पटेल, आरक्षी जीतेंद्र कुमार, जीतेंद्र दूबे और जय हिंद समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बाद सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।

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