बरेली: कोरोना संक्रमण से साल भर सन्नाटे में रहा साई स्टेडियम

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Edited By Amrit Vichar
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अश्वनी शर्मा, बरेली। खिलाड़ियों से गुलजार रहने वाला स्पो‌र्ट्स अॅथारिटी ऑफ इंडिया (साई) का स्टेडियम में इस वर्ष सन्नाटा रहा। कोरोना का प्रभाव ऐसा था कि 17 मार्च से बंद हुए स्टेडियम को दिसंबर तक नहीं खोला गया। पेशेवर खिलाड़ी भी अपने खेल को मजबूत बनाने के लिए घर की छत व आंगन में अभ्यास …

अश्वनी शर्मा, बरेली। खिलाड़ियों से गुलजार रहने वाला स्पो‌र्ट्स अॅथारिटी ऑफ इंडिया (साई) का स्टेडियम में इस वर्ष सन्नाटा रहा। कोरोना का प्रभाव ऐसा था कि 17 मार्च से बंद हुए स्टेडियम को दिसंबर तक नहीं खोला गया। पेशेवर खिलाड़ी भी अपने खेल को मजबूत बनाने के लिए घर की छत व आंगन में अभ्यास करने में लगे रहे। इसी परिसर में स्थित 55 बेड का हॉस्टल भी खालीपन महसूस कराता रहा है। मार्च के बाद से न तो खिलाड़ी अपनी किट पहनकर ग्राउंड पर दौड़ लगाते दिखे और न ही भोजन के लिए लाइन लगाते दिखे।

जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप आने वाली है। इसके लिए साई स्टेडियम से डिस्कस थ्रो में दो बच्चे व भाला फेंक में पांच बच्चे प्रतिभाग कर रहे हैं। ऐसे में कोचों द्वारा भी बताया गया है कि स्टेडियम न खुलने से खिलाड़ियों के खेल पर खासा असर देखने को मिलेगा। हालांकि, बच्चे इस वक्त अपनी वीडियो बनाकर कोच को भेज रहे हैं। लेकिन ग्राउंड पर उनको अभ्यास करने का मौका नहीं मिल पा रहा है।

इसकी वजह से काफी अंतर देखने को मिलेगा। एथलेटिक्स कोच जेएस द्विवेदी ने बताया कि हॉस्टल में रहने से बच्चों को खानपान और खेल के प्रति समर्पित भाव रहने का जुनून होता है। कुछ मायनों में खिलाड़ी घर पर रहकर इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे होंगे। लेकिन हमारा प्रयास रहता है कि बच्चों को फोन पर उनकी वीडियो देखकर और अच्छा बताने की कोशिश करें।

हॉस्टल में हैं 51 खिलाड़ी
कैंट स्थित साई स्टेडियम में कुल 51 खिलाड़ी हैं, जो लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, जौनपुर, बनारस, गोरखपुर, दिल्ली व उत्तराखंड राज्य से हैं। इनमें 12 खिलाड़ी सेपकटाकरा, 15 एथलेटिक्स, 24 खिलाडी हॉकी के हैं।

एस्ट्रोटर्फ पर नहीं घूमी खिलाड़ियों की हॉकी
पूरा साल 2020 बीत चुका है, लेकिन एस्ट्रोटर्फ पर खिलाड़ियों को एक मैच न हो सका। देखने को बस अब स्टेडियम में सुंदर-सुंदर फूल और पेड़ हैं। हालांकि, रखरखाव के लिए चौकीदार मौजूद है, जो समय-समय पर देखभाल करते रहते है। लेकिन स्थानीय लोगों की रौनक और चहल पहल अब देखने को नहीं मिल पा रही है।

फरवरी में खुल सकता है साई
17 मार्च से बंद पड़ा स्टेडियम 2021 के फरवरी माह में खुल सकता है। हालांकि, अभी तारीख नहीं आई लेकिन कयास यही लगाए जा रहे हैं। स्टेडियम इंचार्ज ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि जनवरी व फरवरी में स्टेडियम को खोलने के आदेशा आ सकते है।

नहीं हो सकेंगे इस बार ट्रायल
साई स्टेडियम में हॉकी, सेप0कटाकरा और एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को स्टेडियम में प्रशिक्षण देने के लिए आवासीय एवं गैर आवासीय खिलाड़ियों का चयन किया जाता है। इस स्टेडियम में बरेली के साथ उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों एवं बिहार, उत्तराखंड, हिमांचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि के खिलाड़ी पहुंचते है। जहां सौ मीटर, दो सौ मीटर, चार सौ मीटर, आठ सौ मीटर, 1500 मीटर और तीन हजार मीटर की दौड़ के साथ ही लांग जंप, हाई जंप, गोला फेंक, भाला फेंक एवं डिस्कस फेंकने का ट्रायल लिया जाता है। हॉकी और सेपकटाकरा के टेक्निकल बिंदुओं का भी ट्रॉयल लिया जाता है। ऐसे में इस बार स्टेडियम न खुलने से जनवरी माह में होने वाले ट्रायल भी नहीं हो पाएंगे।

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