Kanpur UP Rise : 1700 युवाओं ने दिखाई ‘जॉब क्रिएटर’ बनने की ताकत, 12 स्टार्टअप आइडिया ने जीता दिल; जानें किसे मिला 25 हजार का इनाम

Amrit Vichar Network
On

कानपुर में ‘यूपी राइज’ कार्यक्रम में 1700 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। 30 आइडिया में से 12 टीमों ने प्रोजेक्ट पेश किए। जॉयलिशियस प्रथम, आयनप्राइम द्वितीय और कायरो तीसरे स्थान पर रही। अभियान अब यूपी के 29 अन्य कॉलेजों तक पहुंचेगा।

कानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर यूपी' के विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से कानपुर में 'यूपी राइज' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के वीरांगना लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में 1700 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल 'जॉब सीकर' के बजाय 'जॉब क्रिएटर' बनने के लिए प्रोत्साहित करना और उनके नवाचार एवं स्टार्टअप आइडिया को रोजगार सृजन से जोड़ना रहा।

इस दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, महिला सशक्तीकरण और रोजगारपरक सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। छात्रों को बताया गया कि उपलब्ध वित्तीय सहायता और सब्सिडी का लाभ लेकर वे अपना व्यवसाय अथवा स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं।

30 आइडिया में से चुनी गईं 12 टीमें

कार्यक्रम के लिए कुल 30 आइडिया प्राप्त हुए, जिनमें से चयन के बाद 12 टीमों ने इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और जूरी के समक्ष अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने कृषि, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, पर्यावरण और दैनिक जीवन की समस्याओं से जुड़े व्यावहारिक समाधान पेश किए। टीम जॉयलिशियस ने प्रथम स्थान हासिल करते हुए 25 हजार रुपये का पुरस्कार जीता। 

टीम आयनप्राइम दूसरे स्थान पर रही और उसे 15 हजार रुपये, जबकि टीम कायरो को तीसरे स्थान के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली। टीम मेडियोटेक रनर-अप रही। प्रतिभागी टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगी समाधान प्रस्तुत किए। टीम दिव्यकेयर ने घर पर कम समय में नर्स, डॉक्टर, दवा और लैब टेस्ट जैसी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का मॉडल पेश किया। टीम समर्पण ने एआई आधारित मल्टीप्लेयर लर्निंग प्लेटफॉर्म तैयार किया। 

टीम मेडबिड ने फार्मेसी के लिए रिवर्स ऑक्शन आधारित दवा खरीद प्रणाली, फाइनट्यूनर्स ने सैलून में प्रतीक्षा से बचने के लिए 'हेयरकार्ट' ऐप और जेनहेर ने महिलाओं के लिए पीरियड साइकिल ट्रैकिंग टूल प्रस्तुत किया। कोडरवा ने छोटे कारोबारियों के लिए ऑनलाइन तकनीकी सहायता का मॉडल पेश किया। दूसरे स्थान पर रही टीम आयनप्राइम ने बिना कतार में लगे तत्काल प्रिंट निकालने वाले 'सेल्फ प्रिंटिंग कियोस्क' का आइडिया प्रस्तुत किया।

पर्यावरण से अस्पताल तक, युवाओं के आइडिया में दिखी विविधता

टीम वर्चुअललैब ने कक्षा 11-12 और कॉलेज विद्यार्थियों के लिए वर्चुअल केमिस्ट्री लैब का मॉडल पेश किया। कॉस्मोलिथ ने छोटे अस्पतालों में मरीजों के डेटाबेस और रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए 'हेल्थ ओएस' विकसित किया। टीम इकोकार्बन ने चाय की पत्तियों और केले के छिलकों से ऑर्गेनिक कार्बन फिल्टर बनाने का पर्यावरण अनुकूल मॉडल प्रस्तुत किया। विजेता टीम जॉयलिशियस ने भारतीय मिठाइयों और पश्चिमी फ्लेवर के संयोजन से तैयार 'फ्यूजन डेजर्ट्स' का कारोबार मॉडल पेश किया। वहीं रनर-अप टीम मेडियोटेक ने अस्पतालों में मरीजों को एक बेड या स्ट्रेचर से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए मोटराइज्ड कन्वेयर आधारित सिस्टम का मॉडल प्रस्तुत किया।

29 और कॉलेजों तक पहुंचेगा ‘यूपी राइज’

'यूपी राइज' की शुरुआत कानपुर से की गई है। अब यह अभियान प्रदेश के 29 अन्य प्रमुख कॉलेजों तक ले जाया जाएगा। इसके तहत प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में सामने आए स्टार्टअप विचारों ने यह संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश के युवा तकनीक और नवाचार के जरिए न केवल अपने लिए रोजगार के अवसर तैयार कर रहे हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार सृजन की क्षमता रखते हैं।  

ये भी पढ़े : आगरा की नक्काशी देख वाह ताज बोले जापानी, ब्रज ने मोहा मन; अब लखनऊ के नवाबी खानपान को चखेगा डेलिगेशन

संबंधित समाचार