Bareilly News : फर्जी IAS का कारनामा, नायब तहसीलदार और वीडीओ की नौकरी के नाम पर 32 लाख की ठगी

Amrit Vichar Network
Edited By Ateeq Khan
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बरेली की विप्रा शर्मा गिरोह के खिलाफ ठगी के दर्ज हो चुके करीब 40 मामले 

विप्रा शर्मा ने फर्जी आईएएस बनकर बरेली क्षेत्र में ठगी का जाल फैलाया। उसके खिलाफ अब तक करीब 40 मुकदमें दर्ज हो चुके हैं। नायब तहसीलदार से लेकर तमाम पदों पर नौकरियां लगवाने का झांसा लेकर लाखों की ठगी का आरोप है। पुलिस विप्रा गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर कार्रवाई की तैयारी में है।

अमृत विचार : बरेली की फर्जी IAS विप्रा शर्मा के खिलाफ शिकायतों की झड़ी लगी है। नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप हैं। पुलिस ने विप्रा और उसके साथियों के खिलाफ 32 लाख रुपये की ठगी के दो और मामले दर्ज किए हैं। आरोप है कि विप्रा ने नायब तहसीलदार और वीडीओ की नौकरी दिलाने का झांसा देकर यह ठगी की थी। 


सुभाषनगर थाना क्षेत्र के ग्रेटर कैलाश निवासी माधव बताया कि 2024 में उनकी मुलाकात शिखा शर्मा से हुई थी। आरोप है कि शिखा ने अपनी बहन विप्रा शर्मा को आईएएस अधिकारी बताते हुए सरकारी नौकरी लगवाने की बात कही। नायब तहसीलदार बनवाने का भरोसा दिलाया। 

नायब तहसीलदार के नाम पर ठगी 

शिखा उसे गोल्डन ग्रीन पार्क स्थित विप्रा के घर ले गई, जहां उसकी मुलाकात विप्रा और उसके पिता वीरेंद्र से कराई गई। आरोप है कि नौकरी पक्की होने का भरोसा देकर अलग-अलग समय में उससे 19 लाख 50 हजार 200 रुपये लिए गए। इनमें चार लाख रुपये नकद और बाकी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कराई गई। 

उसके बाद उसे नायब तहसीलदार पद पर नियुक्ति का पत्र भेजा गया। काफी समय बीतने के बाद भी जब वास्तविक तैनाती नहीं हुई तो उसने पत्र और नियुक्ति प्रक्रिया की पड़ताल की। पता लगा कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। 

वीडीओ का झांसा 

दूसरा केस भी सुभाषनगर के ग्रेटर कैलाश कॉलोनी का है। पीड़ित कौशल्या ने बताया कि शिखा उसके भाई के मेडिकल स्टोर पर दवा लेने आती थी। इसी दौरान दोनों के बीच जान-पहचान हुई। आरोप है कि शिखा ने अपनी बहन विप्रा शर्मा को आईएएस अधिकारी बताते हुए कौशल्या को वीडीओ के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। नौकरी के नाम पर उससे 12 लाख 50 हजार रुपये लिए गए।

आरोप है कि रकम लेने के बाद उसे नियुक्ति पत्र भेजे गए, लेकिन बाद में ये पत्र भी फर्जी साबित हुए। रुपये वापस मांगने पर उसे धमकी दी गई। दोनों मामलों में बारादरी पुलिस ने शिखा शर्मा, विप्रा शर्मा और पिता वीरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। दो नए मुकदमों के बाद फर्जी आईएएस पर मुकदमों की संख्या 40 के पार पहुंच गई है। माना जा रहा है कि लगातार ठगी के मामले आने के बाद पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई कर सकती है।

 

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