Bareilly News : चीनी की कोई कमी नहीं, जमाखोरी रोकने को DM ने हर तहसील में बनाई निगरानी समिति; गड़बड़ी पर होगा एक्शन
व्यापारियों को देनी होगी चीनी स्टॉक की जानकारी, डीएम ने जमाखोरी रोकने के लिए बनाईं टीमें
बरेली में चीनी की कोई कमी नहीं है। अफवाहों और जमाखोरी को रोकने के लिए डीएम ने हर तहसील में निगरानी समिति गठित कर दी है।
बरेली, अमृत विचार। जिले में चीनी के पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी (DM) अविनाश सिंह ने चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर कस्बाई इलाकों तक बाजार की निगरानी के लिए तहसीलवार समितियां गठित कर दी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कहीं भी चीनी की जमाखोरी या कालाबाजारी होती मिली, तो दोषियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी रोजमर्रा की जरूरत के हिसाब से ही चीनी की खरीदारी करें। बाजार में चीनी की कोई कमी नहीं है।
व्यापारियों के लिए निर्देश: पोर्टल पर देनी होगी स्टॉक की जानकारी
जिलाधिकारी ने थोक व्यापारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे भारत सरकार के 'खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग' के पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करें।
हर शुक्रवार को अपडेट: सभी डीलरों के लिए पोर्टल पर पंजीकरण कर स्टॉक घोषित करना और हर शुक्रवार को इसकी जानकारी अपडेट करना अनिवार्य किया गया है।
स्टॉक लिमिट: चीनी कारोबारियों के लिए 30 नवंबर 2026 तक स्टॉक सीमा लागू कर दी गई है। इसके तहत कोई भी कारोबारी चीनी प्राप्त होने की तारीख से 30 दिन से अधिक समय तक स्टॉक नहीं रख सकता है।
अधिकतम भंडारण: एक समय में 4000 क्विंटल से अधिक चीनी का भंडारण नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, सरकारी स्टॉक और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए रखे गए स्टॉक को इस नियम से अलग रखा गया है।
प्रशासन की ओर से व्यापारियों के स्टॉक की औचक जांच भी कराई जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
एसडीएम (SDM) होंगे निगरानी समिति के अध्यक्ष
बाजार में चीनी की कालाबाजारी रोकने के लिए डीएम द्वारा बनाई गई तहसीलवार समितियों की कमान एसडीएम को सौंपी गई है। संबंधित एसडीएम इस समिति के अध्यक्ष होंगे। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी या विपणन निरीक्षक, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और मंडी सचिव इस समिति के सदस्य होंगे।
यह टीमें हर सप्ताह व्यापारियों द्वारा पोर्टल पर घोषित स्टॉक का भौतिक रूप से सत्यापन करेंगी। अगर जांच में कहीं भी जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ तत्काल और सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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