Kanpur News : बहन इशु ने बांधी कलाई पर राखी तो डीएम ने निभाया भाई का फर्ज, भर दी स्कूल फीस और दिलाई साइकिल

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रक्षाबंधन पर कानपुर की छात्रा इशु यादव ने डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को राखी बांधी। आर्थिक तंगी से जूझ रही इशु की करीब 29 हजार रुपये फीस बकाया थी। डीएम ने आधी फीस जमा कराई और बाकी माफ कराई। साथ ही स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल दिलाई और IAS बनने के उसके सपने को पूरा करने में मदद का भरोसा दिया।

कानपुर, अमृत विचार। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह रोज की तरह जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान एक मां अपनी बेटी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची। हाथ में एक प्रार्थना पत्र था, जिसमें बेटी को पढ़ाने का सपना अल्फाजों में उकेरा गया था। मां ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण कई महीनों से बेटी की स्कूल फीस जमा नहीं हो सकी है। 

रक्षाबंधन के मौके पर बेटी इशु यादव ने डीएम को राखी बांधने की इच्छा जताई। डीएम ने उसकी इच्छा का मान रखा और इशु ने उनकी कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद डीएम ने भी भाई का फर्ज निभाया। इशु की फीस जमा कराई, स्कूल आने-जाने के लिए उसे साइकिल दिलाई और अन्य उपहार भी दिया।

नौबस्ता के आवास विकास हंसपुरम निवासी ललिता यादव के पति प्रागी लाल यादव की वर्ष 2017 में मृत्यु हो गई थी। परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दोनों बेटे अलग रहते हैं। ललिता ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि बेटों से उन्हें कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती। वह घरों में चौका-बर्तन कर घर का खर्च चलाने के साथ बेटी इशु की पढ़ाई का खर्च उठा रही हैं।

29 हजार रुपये की फीस थी बकाया

पढ़ाई में मेधावी इशु नौबस्ता स्थित केपी वाईजन सहयोगी इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा है। आर्थिक तंगी के कारण उसकी फीस कई महीनों से जमा नहीं हो सकी थी और करीब 29 हजार रुपये बकाया हो गए थे। बेटी की पढ़ाई बीच में न छूट जाए, इसी चिंता में ललिता ने डीएम से मदद मांगी थी। मामला सामने आने पर डीएम ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से बात की।

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बकाया रकम में आधी फीस स्वयं जमा कराई और शेष आधी प्रधानाचार्य से बात कर माफ कराई। डीएम ने इशु से पढ़ाई और स्कूल आने-जाने के बारे में भी पूछा। पता चला कि घर से स्कूल की दूरी करीब 2 किलोमीटर है और आने-जाने में काफी समय लगता है।  इस पर उन्होंने इशु के लिए साइकिल खरीदवाई। गुरुवार को ही उसे साइकिल मिल गई और वह उसी से स्कूल से अपने घर लौटी।

राखी बांधकर बोली- IAS बनना है

डीएम को राखी बांधने के बाद इशु ने अपना सपना भी उनसे साझा किया। उसने कहा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करेगी और आगे चलकर आईएएस अधिकारी बनना चाहती है। अधिकारी बनकर वह भी लोगों की समस्याएं सुनेगी और जरूरतमंदों की मदद करेगी।

डीएम ने इशु का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वह पूरी लगन से पढ़ाई करे और आईएएस बनने के अपने सपने को पूरा करे। साथ ही डिप्टी कलेक्टर ज्योति शर्मा को इशु की मेंटरिंग की जिम्मेदारी दी। वह आगे उसकी पढ़ाई में मार्गदर्शन करने के साथ जरूरत के मुताबिक हर संभव सहायता उपलब्ध कराएंगी।

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