Weather Today: प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय, फिर बदलेगा इन जिलों में मौसम, IMD का अलर्ट जारी
- मेरठ से गोरखपुर और बांदा से झांसी तक कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी -31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच पूर्वी यूपी में बारिश की गतिविधियां फिर होगी तेज
लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच शनिवार, 29 अगस्त को कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। हालांकि, अलग-अलग पूर्वानुमानों में भारी बारिश की तीव्रता को लेकर अंतर है। ताजा उपलब्ध रिपोर्ट में शमिवार को प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को बारिश और गरज-चमक का असर रहा। मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमानों में बलिया और प्रयागराज समेत कई स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना दर्ज की गई थी। बलिया में 28 अगस्त के लिए बिजली के साथ आंधी की चेतावनी भी दर्ज थी। मौसम विभाग के व्यापक पूर्वानुमान के अनुसार 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा होने की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी।
इन जिलों में बारिश की चेतावनी
शनिवार को मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद, गौतमबुद्ध नगर, फिरोजाबाद, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कानपुर, एटा, गोंडा, बलिया, सोनभद्र, महाराजगंज, चंदौली, गाजीपुर, मऊ, गोरखपुर, देवरिया, जौनपुर, बांदा और झांसी में बारिश और आंधी की चेतावनी बताई गई है। इन इलाकों में मौसम खराब होने के दौरान तेज हवा और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।
लखनऊ में बारिश के आसार
राजधानी लखनऊ में 29 अगस्त को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बादल छाए रहने और बारिश की संभावना से दिन के तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी नहीं होने के आसार हैं। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी उमस के बीच मौसम के करवट लेने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
आंधी और बिजली के दौरान सावधानी जरूरी
बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की स्थिति में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों को भी मौसम साफ होने तक खेतों में अनावश्यक रूप से काम करने से बचने और जलभराव वाले खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है।
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