रेहड़ी से दुकान तक पहुंचा कारोबार! PM स्वनिधि ने बदली महिलाओं की जिंदगी, 35 लाख को मिला सहारा
मन की बात में पीएम मोदी ने बताई बबीता और निन्गम्मा की कहानी, बोले- महिला का कारोबार बढ़ता है तो परिवार का भविष्य भी संवरता है
नई दिल्लीः छोटे कारोबार के लिए पूंजी की कमी अक्सर मेहनत करने वालों के रास्ते में बड़ी रुकावट बन जाती है। खासकर रेहड़ी-पटरी लगाकर परिवार चलाने वाली महिलाओं के लिए शुरुआती पूंजी जुटाना चुनौतीपूर्ण होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि पीएम स्वनिधि योजना ऐसी ही लाखों महिलाओं को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने की नई ताकत दे रही है।
अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने कहा कि शहरों और कस्बों में बड़ी संख्या में महिलाएं रोज सब्जी, फल, चाय, फूल, दिए और पूजा सामग्री जैसी चीजें बेचकर परिवार की आजीविका में योगदान देती हैं। कई बार थोड़ी सी पूंजी की कमी उनके कारोबार के विस्तार में बाधा बनती है, लेकिन पीएम स्वनिधि योजना ने ऐसी महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
योजना से जुड़ी करीब 35 लाख महिलाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के इस पहलू पर उतनी चर्चा नहीं होती, जितनी होनी चाहिए। उनके मुताबिक पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं, यानी देशभर में लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि एक महिला का छोटा कारोबार बढ़ने का असर केवल उसकी कमाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्चों के भविष्य पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
गाजियाबाद की बबीता का स्टॉल बना दुकान
प्रधानमंत्री ने गाजियाबाद की बबीता शर्मा का उदाहरण देते हुए बताया कि वह पहले पूजा सामग्री का छोटा स्टॉल लगाती थीं। फूल, दिए, अगरबत्ती और नारियल जैसी चीजें बेचकर वह परिवार की आय में योगदान देती थीं।
कारोबार बढ़ाने के लिए उन्हें अतिरिक्त पूंजी की जरूरत थी। पीएम स्वनिधि योजना के जरिए आर्थिक मदद मिलने के बाद उन्होंने अपने स्टॉल पर सामान बढ़ाया और कारोबार का विस्तार किया। ग्राहक और आमदनी बढ़ने के साथ उनका सड़क किनारे का छोटा स्टॉल धीरे-धीरे दुकान में बदल गया।
बेंगलुरु की निन्गम्मा ने बढ़ाया इडली-डोसा का कारोबार
प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु की टी.एस. निन्गम्मा की कहानी को भी प्रेरक बताया। निन्गम्मा और उनके पति ने मिलकर इडली, डोसा और सांभर बेचने का छोटा कारोबार शुरू किया था।
काम चलने लगा, लेकिन उसे बड़े स्तर पर ले जाने के लिए पूंजी की जरूरत थी। पीएम स्वनिधि से मदद मिलने के बाद उन्होंने सामान थोक में खरीदना शुरू किया और अपने मेनू में कई नई चीजें जोड़ीं।
ग्राहक बढ़े तो कमाई भी बढ़ी और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई। प्रधानमंत्री के अनुसार अब निन्गम्मा अपने तीन बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हैं।
‘महिला का कारोबार बढ़ता है तो परिवार का भविष्य आगे बढ़ता है’
पीएम मोदी ने कहा कि जब किसी महिला का कारोबार बढ़ता है तो उसके साथ पूरे परिवार का भविष्य भी आगे बढ़ता है। इसका असर बच्चों की शिक्षा और परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।
उन्होंने रेहड़ी-पटरी के कारोबार से जुड़ी महिलाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और महिला उद्यमिता को सशक्त बनाने में ऐसी योजनाओं की भूमिका को रेखांकित किया।
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