UP Flood: यूपी में बाढ़ का संकट बरकरार, गंगा-घाघरा और राप्ती उफनाई; युद्ध स्तर पर राहत में जुटी सरकार

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Edited By Anjali Singh
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उत्तर प्रदेश में बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर से बाढ़ का संकट जारी है। 17 जिले प्रभावित और करीब 1.70 लाख आबादी बाढ़ की चपेट में है। गंगा-रामगंगा के बढ़े दबाव से पश्चिमी यूपी के कई निचले इलाकों में मुश्किलें बढ़ीं

-पश्चिमी यूपी में गंगा-रामगंगा का दबाव से फर्रुखाबाद, कासगंज, बदायूं, मुरादाबाद और शाहजहांपुर के निचले इलाकों में बढ़ी मुश्किलें -पूर्वांचल में गंगा, घाघरा-सरयू और राप्ती के जलस्तर से हालात खराब, यूपी के 17 जिलों में 1.70 लाख से अधिक लोग प्रभावित -आज पूर्वी यूपी में कई जगह भारी बारिश, पश्चिमी यूपी में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान, 525 नाव-मोटरबोट सक्रिय

लखनऊ, अमृत विचार। बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर से उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट सोमवार को भी बना रहा। प्रदेश के 17 जिले प्रभावित हैं और करीब 1.70 लाख आबादी बाढ़ की चपेट में है। पश्चिमी यूपी में गंगा-रामगंगा का दबाव से फर्रुखाबाद, कासगंज, बदायूं, मुरादाबाद और शाहजहांपुर के निचले इलाकों में मुश्किलें हैं, तो पूर्वांचल में गंगा, घाघरा-सरयू और राप्ती के जलस्तर से हालात खराब हैं। मंगलवार को पूर्वी यूपी में कई जगह भारी बारिश तो पश्चिमी यूपी में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। सरकार ने राहत कार्य में पूरी ताकत झोंक रखी हैं।

बाढ़ प्रभवित जिलों में लगातार बढ़ रहा नदियों का जलस्तर 

बाढ़ प्रभावित जिलों में अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर और वाराणसी शामिल हैं। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार अब तक बाढ़ से जनहानि और पशुहानि शून्य है। गंगा और रामगंगा के बढ़े जलस्तर से फर्रुखाबाद, कासगंज, बदायूं, मुरादाबाद, शाहजहांपुर और कन्नौज के नदी किनारे तथा निचले इलाकों में संकट ज्यादा है। फर्रुखाबाद के राजेपुर क्षेत्र में गंगा-रामगंगा का पानी गांवों और खेतों तक पहुंचा है, जबकि कासगंज के पटियाली क्षेत्र में गंगा के उफान से कई गांव प्रभावित हैं। मुरादाबाद के खादर क्षेत्र में भी रामगंगा के बढ़े जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ाई है। 

पूर्वी यूपी में गंगा, घाघरा-सरयू और राप्ती के जलस्तर पर प्रशासन की नजर है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर पिछले 30 घंटे में 1.26 मीटर से अधिक बढ़ा है और चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है। पूर्वांचल में नेपाल और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का असर भी नदियों के जलस्तर पर पड़ रहा है। गंडक के जलस्तर में वृद्धि के बाद महराजगंज और कुशीनगर में भी सतर्कता बढ़ाई गई है।

IMD का अलर्ट जारी 

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 1 सितंबर से 5 सितंबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी में भी 31 अगस्त से 5 सितंबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े सिस्टम का असर पूर्वी यूपी तक पहुंचने की संभावना है, जिससे वहां बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में पहले से उफन रहीं नदियों और निचले इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

1,633 बाढ़ चौकियां, 525 नाव-मोटरबोट तैनात

राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक प्रभावित इलाकों में 1,633 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। बचाव और सुरक्षित निकासी के लिए 525 नाव-मोटरबोट लगाई गई हैं। प्रशासन ने 254 बाढ़ शरणालय स्थापित किए हैं, जिनमें 46 संचालित हैं और 1,151 लोग रह रहे हैं।
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भोजन, स्वास्थ्य और पशुओं के लिए इंतजाम

बाढ़ प्रभावितों को अब तक 55,572 खाद्यान्न पैकेट और 3.02 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 200 मेडिकल टीमें तैनात हैं। संक्रमण से बचाव के लिए 5,432 क्लोरीन टैबलेट और 5,441 ओआरएस पैकेट बांटे गए हैं। प्रभावित 20,556 पशुओं के लिए 425.89 क्विंटल भूसा वितरित किया जा चुका है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त 12 मकानों में 11 मामलों में सहायता दी गई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए राहत एवं बचाव संसाधनों को सक्रिय रखा है।

सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे

जिले में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर सोमवार को दोपहर 12 बजे 92.500 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.730 मीटर से 0.230 मीटर नीचे है। हालांकि नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए अयोध्या जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। जिले में वर्तमान में 11 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के साथ ही आवागमन के लिए नावें संचालित की जा रही हैं और स्वास्थ्य व पशु चिकित्सा की टीमें गांवों में लगातार भ्रमण कर रही हैं।

 4,895 राहत किट और 22,935 लंच पैकेट बांटे

बाढ़ प्रभावित गांवों में तहसील सदर के चार गांव मांझा मूढ़ाठीहा अयोध्या, माझा मड़ना, माझा रामपुर पुवारी और माझा काजीपुर शामिल हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को अब तक 4,895 बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। इनमें तहसील सदर में 3,500, रुदौली में 1,020 और सोहावल में 375 राहत किट शामिल हैं। इसके अलावा प्रभावित परिवारों को 22,935 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रभावित पशुओं के चारे के लिए 1,175 क्विंटल भूसा भी उपलब्ध कराया गया है।

11 गांव प्रभावित, राहत-बचाव कार्य जारी

बाढ़ प्रभावित गांवों में आवागमन की सुविधा के लिए वर्तमान में 18 नावों का संचालन किया जा रहा है। वहीं प्रभावित क्षेत्रों में कुल 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा विभाग ने 37 टीमों का गठन किया है। टीमें लगातार प्रभावित गांवों में भ्रमण कर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध करा रही हैं। अब तक 1,790 ओआरएस पैकेट और 4,495 क्लोरीन टैबलेट वितरित की जा चुकी हैं। प्रशासन के अनुसार बाढ़ प्रभावित ग्रामों में किसानों की कृषि क्षति की सूचना फिलहाल शून्य है।

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने संभावित बाढ़ के मद्देनजर सभी संबंधित विभागों को बचाव एवं राहत कार्यों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। तहसील सदर, सोहावल और रुदौली के उप जिलाधिकारी व तहसीलदारों को लगातार निगरानी रखने के साथ ही जरूरत के अनुसार खाद्यान्न और पशुओं के लिए भूसे का वितरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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