मिहीपुरवा में जंगली जानवर ने 30 साल के युवक को बनाया निवाला, झाड़ियों में मिला शव; वन विभाग के खिलाफ आक्रोश  

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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घर के पीछे झाड़ियों में क्षत-विक्षत शव मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। वन विभाग के खिलाफ लोगों ने नाराजगी जताते हुए डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग की।

बहराइच, अमृत विचार। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा रेंज अंतर्गत महबूब नगर गांव में मंगलवार सुबह जंगली जानवर के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। घर के बरामदे में सो रहे 30 वर्षीय राम सिंह पुत्र मालती प्रसाद को जंगली जानवर उठाकर घर के पास झाड़ियों में ले गया जहां उनकी मौत हो गई। परिजनों की तलाश के दौरान झाड़ियों में उनका आधा खाया हुआ क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।

परिजनों के अनुसार राम सिंह मंगलवार की भोर करीब तीन बजे घर के बरामदे में सो रहे थे। इसी दौरान जंगली जानवर ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें चारपाई से उठाकर घर के पास पीछे स्थित झाड़ियों में ले गया। जानकारी होने पर परिवार के लोग और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर उनकी तलाश में जुट गए। कुछ देर बाद झाड़ियों में शव मिलने से गांव में कोहराम मच गया।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग तथा मोतीपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। वन कर्मियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया जहां घर के आंगन में जंगली जानवर के पद चिह्न भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि घटना स्थल जंगल से लगभग 600 मीटर की दूरी पर स्थित है। ग्रामीणों को कहना है कि इससे पूर्व भी इसके  भाई पेशकार पर तेंदुए ने खेत में झपट्टा मार कर घायल किया था।

घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा वन विभाग के प्रति फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास लंबे समय से बाघ की मौजूदगी बनी हुई है और वन विभाग द्वारा प्रभावी निगरानी व सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई जिससे लगातार भय का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों ने वन विभाग की ओर से तेंदुए की आशंका जताए जाने पर भी असहमति व्यक्त की और दावा किया कि यह हमला बाघ ने किया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने कतर्नियाघाट के डीएफओ को तत्काल मौके पर बुलाने, बाघ की पहचान कर उसे पकड़ने तथा गांव में पिंजरा, गश्त और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की है । 

वन विभाग की टीम घटनास्थल की जांच कर रही है। जंगली जानवर की वास्तविक प्रजाति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के विषय में डीएफओ कटानिया घाट अपूर्व दीक्षित ने बताया कि घटनास्थल क्षेत्र से विगत दिनों एक तेंदुए को पकड़ा गया था लगातार तेंदुओ  को पिंजरे में कैद किया जा रहा है।

घटना का दुःख है ऐसे में पूरी  परिवार के प्रति पूरी संवेदना व्यक्त करते  है। जो भी (कंपनसेशन) मुआवजा है उसे परिजनों को दिया जाएगा क्षेत्र में जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है निगरानी भी की जा रही है पर बरसात के मौसम में जंगलों से निकलकर बाहर जंगली जानवर आ जा रहे हैं इससे घटनाएं घट रही है लोग सतर्क रहें तथा घटनास्थल क्षेत्र में पिंजरा लगाने की कार्रवाई की जा रही है एवं वन टीम को क्षेत्र में लगा दिया गया।

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