श्रावस्ती में रेडक्रास का सदस्यता अभियान: पैटर्न सदस्य बनने के लिए देने होंगे 25 हजार रुपये, सितंबर से शुरुआत

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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जिले के तीन लोगों को मिला पैटर्न सदस्य का प्रमाण पत्र, रेडक्रास ने वाइस पैटर्न और संस्थागत सदस्यता की फीस भी की तय

श्रावस्ती, अमृत विचार। इंडियन रेडक्रास सोसाइटी की श्रावस्ती शाखा सितंबर माह से सदस्यता अभियान शुरू करने जा रही है। जिले के जो नागरिक रेडक्रास से जुड़ना चाहते हैं, वे निर्धारित शुल्क जमा कर सदस्य बन सकेंगे। संगठन की ओर से अलग-अलग श्रेणियों की सदस्यता के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। अभियान की विस्तृत घोषणा जल्द की जाएगी।

रेडक्रास आपदा प्रबंधन समिति के प्रदेश अध्यक्ष एवं रेडक्रास के जिला सचिव अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि जनभवन, लखनऊ में आयोजित रेडक्रास की वार्षिक आमसभा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जिले के तीन सदस्यों को भारत की राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित पैटर्न सदस्यता का प्रमाण पत्र वितरित किया।

तीन लोगों को बनाया गया पैटर्न सदस्य

श्रावस्ती के प्रथम नागरिक एवं जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र, पाण्डेयपुरवा निवासी गरिमा त्रिपाठी और गोठवा निवासी शैलेन्द्र त्रिपाठी को रेडक्रास का पैटर्न सदस्य बनाया गया है।

जिला सचिव अरुण कुमार मिश्र के मुताबिक, श्रावस्ती में रेडक्रास संगठनात्मक रूप से धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी शाखा में पैटर्न सदस्यों की मौजूदगी से सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाने में आसानी होती है।

सितंबर से शुरू होगा सदस्यता अभियान

रेडक्रास की श्रावस्ती शाखा सितंबर से सदस्यता अभियान चलाएगी। संगठन से जुड़ने के इच्छुक जिले के नागरिक निर्धारित शुल्क जमा करके सदस्यता ले सकेंगे।

रेडक्रास की ओर से सदस्यता की अलग-अलग श्रेणियों के लिए शुल्क तय किया गया है। इसके तहत पैटर्न सदस्य बनने के लिए 25,000 रुपये, वाइस पैटर्न सदस्यता के लिए 12,500 रुपये और संस्थागत सदस्यता के लिए 5,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

जल्द होगी अभियान की विस्तृत घोषणा

रेडक्रास की ओर से सदस्यता अभियान से संबंधित विस्तृत जानकारी जल्द जारी की जाएगी। इसमें सदस्यता लेने की प्रक्रिया और अन्य जरूरी जानकारियां साझा की जाएंगी।

संगठन का उद्देश्य जिले में अपनी सदस्य संख्या और सामाजिक गतिविधियों को मजबूत करना है, ताकि जरूरत के समय राहत और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।

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