Rampur Flood: कोसी-रामगंगा में उफान से रामपुर के गांवों में बाढ़ जैसे हालात, नावों से शुरू हुआ राहत अभियान

Amrit Vichar Network
On

गांवों के संपर्क मार्ग कटने पर प्रशासन ने पानी में उतरवा दी नाव

शहर विधायक आकाश सक्सेना और जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

रामपुर, अमृत विचार : पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के कारण रामपुर में कोसी के पानी से देहात क्षेत्र के बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। वहीं रामगंगा नदी खतरे को निशान को छू रही है, जबकि कोसी नदी में भी उफान है। प्रशासन ने ग्रामीणों की मदद के लिए पानी में नाव उतरवा दी है। रामनगर बैराज से कोसी नदी में जबकि, गंगापुर-भोपतपुर बैराज और हुसैन गंज बैराज से रामगंगा नदी में गुरुवार को सुबह 10:30 बजे, दोपहर 12 बजे और शाम 4 बजे पानी डिस्चार्ज किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का शहर विधायक और जिला अधिकारी ने जायजा लिया।

कोसी के उफनाने से हजरतपुर, प्रानपुर, बैजना, बैजनी गांवों में सड़कों पर पानी बह रहा है। जबकि तहसील स्वार के ग्राम पसियापुरा और चांदपुर में ग्रामीणों की मदद के लिए नाव पहुंच गई है। ग्राम भैया नगला में कोसी नदी के बढ़ते जल स्तर का शहर विधायक आकाश सक्सेना और जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने जायजा लिया। कोसी नदी का पानी तटीय गांवों में पानी घुस गया है।

5

प्रशासन ने ग्रामीणों से सचेत रहने की अपील की है। गुरुवार को सुबह 10:30 बजे रामनगर बैराज से कोसी नदी में 16439 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 19016 क्यूसेक, शाम 4 बजे 13466 क्यूसेक छोड़ा गया। नहर खंड के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार को रामनगर बैराज से छोड़ा गया पानी गुरुवार की दोपहर में रामपुर पहुंचा है जिसके कारण गांवों में पहुंच गया है।

उन्होंने बताया कि गुरुवार को रामनगर से छोड़ा गया पानी शुक्रवार तड़के रामपुर पहुंचेगा। गुरुवार को सुबह 10:30 बजे  गंगापुर भोपतपुर बैराज से रामगंगा नदी में 82400 क्यूसेक जबकि, हुसैनगंज बैराज से 80250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दोपहर 12 बजे गंगापुर भोपतपुर बैराज से रामगंगा नदी में 82400 क्यूसेक जबकि, हुसैनगंज बैराज से 80250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शाम 4 बजे गंगापुर भोपतपुर बैराज से 82400 क्यूसेके जबकि, हुसैन गंज बैराज से 80250  क्यूसेक पानी रामगंगा नदी में छोड़ा गया है। रामगंगा नदी में भी उफान है और आसपास के गांवों में नदी का पानी घुसने लगा है।

6

पसियापुरा पहुंची नाव, ग्रामीणों का आना-जाना शुरू

तहसील स्वार के ग्राम पसियापुरा और चांदपुर में ग्रामीणों की मदद के लिए जिला प्रशासन ने नाव भेज दी है। नाव से बैठकर ग्रामीणों का आना-जाना शुरू हो चुका है। पुलिस प्रशासन की टीम ने भी गांव पहुंचकर लोगों से हाल-चाल जाना। पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया गया। मुख्य मार्ग बंद हो जाने के कारण ग्रामीण अपने घरों में कैद हो गए थे। बुधवार को क्षेत्र का जायजा लेने जिला अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक भी पहुंचे थे। डीएम ने सम्बंधित अधिकारियों को तुरंत नाव की व्यवस्था करने को कहा था। 

गुरुवार सुबह प्रशासन की टीम दो नाव के साथ गांव के लिए रवाना हुई। गांव पहुंचकर जिला प्रशासन की टीम ने युद्ध स्तर पर राहत अभियान चलाया। इस दौरान गांव के जरूरतमंदों को नाव से बैठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। जबकि 2 दिन से खेमपुर में रुके पसियापुरा के ग्रामीणों को नाव से गांव छोड़ा गया। इस दौरान गांव से कुछ बीमार व्यक्तियों को भी दवा दिलवाने के लिए अस्पताल भेजा गया।  सीओ टांडा पंकज पंत और प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम भी गांव पहुंची और राहत कार्यों का जायजा लिया।

6

कोसी के बढ़ते जलस्तर का शहर विधायक ने लिया जायजा

तहसील सदर के ग्राम भैया नगला में जलस्तर बढ़ने के कारण उत्पन्न स्थिति का शहर विधायक आकाश सक्सेना के साथ मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। ग्राम की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम भैया नगला को जाने वाला संपर्क मार्ग जलभराव के कारण कट गया है।

इस रास्ते से किसी भी व्यक्ति के आवागमन को रोकने तथा सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक बैरिकेडिंग लगा दिया गया है। ग्रामीणों से कहा कि क्षतिग्रस्त मार्ग एवं पुल के आसपास न जाएं तथा बच्चों को भी ऐसे स्थानों पर जाने से रोकें। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त पुल के पास पुलिस बल एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न होने पाए।

बाढ़ चौकियां अलर्ट, अफवाहों से बचने की अपील

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि कटान वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ चौकियां अलर्ट हैं और राहत कार्यों में जुटी हैं। जिन गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी आ गया है, वहां आवाजाही के लिए नावों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

यह भी पढ़ें:- Greater Noida Fraud : ‘कासा रॉयल’ प्रोजेक्ट में होमबायर्स से धोखाधड़ी, CBI ने बिल्डर के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

 

संबंधित समाचार