शुक्र है मैं अभी भी जिंदा हूं... नोटिस के बाद IAS रिंकू सिंह राही ने खोला मोर्चा, लिखा- ‘प्रेम पत्र मिल ही गया है तो...’, जानें पूरा मामला
जालौन के संयुक्त मजिस्ट्रेट ने एक्स पर मुख्य सचिव को लिखे पत्र को किया सार्वजनिक
जालौन के संयुक्त मजिस्ट्रेट आईएएस रिंकू सिंह राही ने कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्य सचिव को लिखे पुराने पत्र को सार्वजनिक करते हुए प्रशासनिक दबाव और जुलूस को लेकर लगाए गए आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
जालौन, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के जालौन में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात सार्वजनिक की है। आईएएस अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के साथ मुख्य सचिव को पूर्व में भेजा गया अपना पत्र भी साझा किया है।
रिंकू सिंह राही ने एक्स पर लिखा, “काश कि इस पत्र को संज्ञान में लेकर समय रहते कार्रवाई की गई होती। लेकिन नहीं… जबकि पहले ही बता दिया गया था कि स्थिति बहुत ही गंभीर है, इसलिए मुख्य सचिव महोदय को सीधे लिखने के लिए विवश होना पड़ा। मगर, शुक्र है कि मैं अभी भी जिंदा हूं। अब जब प्रेम पत्र मिल ही गया है तो अब तो षड्यंत्र को थोड़ा सा उजागर तो करना ही पड़ेगा।”
https://twitter.com/Rahiagainstcor1/status/2095497953897291956
मुख्य सचिव को लिखे पत्र में क्या कहा?
आईएएस रिंकू सिंह राही की ओर से साझा किया गया पत्र 3 जुलाई का है। इसमें उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं, जिनके चलते प्रशासनिक कार्यों के निष्पक्ष, निर्भीक और प्रभावी तरीके से निर्वहन को लेकर उनके सामने गंभीर व्यावहारिक, प्रशासनिक और नैतिक दुविधाएं पैदा हो रही हैं।
उन्होंने पत्र में बताया कि उन्हें जिलाधिकारी की ओर से एक संदेश मिला था। इसमें कहा गया था कि रिंकू सिंह राही को दोबारा जालौन तहसील का उपजिलाधिकारी बनाए जाने की मांग को लेकर 4 जुलाई 2026 को हिमांशु दोहरे, दीपराज दोहरे और अवनीश कुमार दोहरे की ओर से जुलूस निकाले जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
जुलूस को लेकर जताई गई थी आशंका
पत्र के मुताबिक, जुलूस के बाद जिलाधिकारी जालौन को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी जालौन को सौंपा जाना था। रिंकू सिंह राही ने कहा कि इस कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं ली गई थी और इसे रोकने के लिए उनसे कहा गया। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया कि वह संबंधित लोगों में से किसी को नहीं जानते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी को इस बात की आशंका थी कि उक्त जुलूस उनके द्वारा अप्रत्यक्ष तरीके से कराया जा रहा है। रिंकू सिंह राही ने अपने पत्र में इस आरोप से साफ इनकार किया और कहा कि जुलूस से उनका कोई संबंध नहीं है तथा वह इस संबंध में जिलाधिकारी को पहले ही अवगत करा चुके हैं।
‘आशंका है तो मेरे खिलाफ FIR करा दी जाए’
रिंकू सिंह राही ने अपने पत्र में कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर वह केवल यह अपील कर सकते हैं कि कोई भी काम विधि-विरुद्ध तरीके से न किया जाए। उनके मुताबिक, इस मामले में जिलाधिकारी की ओर से उन्हें नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। उन्होंने पत्र में आगे कहा कि यदि किसी प्रकार की आशंका है तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। आईएएस अधिकारी ने अपने पत्र के जरिए प्रशासनिक परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कारण बताओ नोटिस के बाद सोशल मीडिया पर मुखर हुए रिंकू सिंह
हालिया कारण बताओ नोटिस के बाद रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया सार्वजनिक की है। उन्होंने मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र को साझा करते हुए पुराने घटनाक्रम का जिक्र किया और कहा कि जब उन्हें “प्रेम पत्र” मिल ही गया है तो षड्यंत्र को थोड़ा उजागर करना जरूरी है। हालांकि, रिंकू सिंह राही की ओर से लगाए गए आरोपों और आशंकाओं पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में दोनों पक्षों का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा।
