Smriti Mandhana: स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, 10,000 रन के पार पहुंचीं; मिताली राज का रिकॉर्ड तोड़ा
स्मृति मंधाना ने हांगकांग के खिलाफ महिला एशिया कप मुकाबले में 64 गेंदों पर 124 रन की तूफानी पारी खेलकर इतिहास रच दिया। उन्होंने मिताली राज के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 10,880 रन के साथ अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
दुबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने महिला एशिया कप में हांगकांग के खिलाफ तूफानी शतक जड़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया। मंधाना ने गुरुवार को महज 64 गेंदों में 124 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मंधाना अब तीनों फॉर्मेट मिलाकर अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उनके नाम कुल 10,880 अंतरराष्ट्रीय रन हो गए हैं, जबकि मिताली राज ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 10,868 रन बनाए थे।
हांगकांग के खिलाफ जड़ा तूफानी शतक
स्मृति मंधाना ने हांगकांग के खिलाफ अपनी 124 रन की पारी में 14 चौके और सात छक्के लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में 193 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में हांगकांग की टीम महज 56 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 137 रन से जीत लिया। अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में मंधाना का यह दूसरा शतक है, जबकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह उनका कुल 18वां शतक रहा।
‘अगर दस प्रतिशत लड़कियां भी क्रिकेट खेलना शुरू करें...’
शानदार पारी के बाद स्मृति मंधाना ने कहा कि उन्होंने कभी रिकॉर्ड और आंकड़ों को ध्यान में रखकर क्रिकेट नहीं खेला। उनके लिए सबसे अहम भारत के लिए मैच जीतना रहा है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी वजह से सिर्फ दस प्रतिशत लड़कियां भी बैट और बॉल उठाकर क्रिकेट खेलना शुरू करती हैं, तो यह उनके लिए गर्व और खुशी की बात होगी। मंधाना ने कहा कि वह अपने करियर को सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड के आधार पर नहीं आंकना चाहतीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारतीय महिला क्रिकेट की कई और खिलाड़ी 10,000 अंतरराष्ट्रीय रन के आंकड़े तक पहुंचेंगी।
मिताली राज को देखकर बड़ी हुईं मंधाना
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम करने पर मंधाना ने पूर्व कप्तान मिताली राज को याद किया। उन्होंने कहा कि वह मिताली को देखते हुए बड़ी हुई हैं और वह उनके लिए हमेशा आदर्श रही हैं। मंधाना ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह 10,000 रन तक पहुंचेंगी और मिताली से आगे निकल जाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भारतीय टीम की तीन-चार खिलाड़ी इस सूची के शीर्ष पांच में शामिल हों।
छक्के लगाने की क्षमता पर कर रही हैं काम
हांगकांग के खिलाफ अपनी पारी में सात छक्के लगाने को लेकर मंधाना ने कहा कि वह लगातार अपनी छक्के मारने की क्षमता को बेहतर करने की कोशिश कर रही हैं। उनका लक्ष्य लॉन्ग-ऑफ और लॉन्ग-ऑन के ऊपर से गेंद को आसानी से भेजने का आत्मविश्वास हासिल करना है। मंधाना ने अपने खेल में सुधार को लेकर भी कहा कि कोई भी बल्लेबाज या गेंदबाज कभी पूरी तरह तैयार नहीं होता। उनके मुताबिक, क्रिकेट हमेशा खिलाड़ी को यह दिखाता रहता है कि सुधार की गुंजाइश बनी रहती है। स्मृति मंधाना की इस ऐतिहासिक पारी ने न सिर्फ भारत को बड़ी जीत दिलाई, बल्कि महिला क्रिकेट में उनके बढ़ते प्रभाव को भी एक बार फिर सामने रखा है।
