सावधानी बरकरार रखें
साल 2020 बीतते-बीतते देश में भी कोरोना वायरस के नए रूप ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। नया वायरस ज्यादा संक्रामक है, इसलिए सरकार और सब लोग परेशान हैं। एक महीने में ब्रिटेन से लौटे 33 हजार लोगों ने चिंता और बढ़ा दी। मुश्किल यह है कि बाहर से आने वाले बहुत से लोगों …
साल 2020 बीतते-बीतते देश में भी कोरोना वायरस के नए रूप ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। नया वायरस ज्यादा संक्रामक है, इसलिए सरकार और सब लोग परेशान हैं। एक महीने में ब्रिटेन से लौटे 33 हजार लोगों ने चिंता और बढ़ा दी। मुश्किल यह है कि बाहर से आने वाले बहुत से लोगों ने अपने नाम पते ही गलत लिखा दिए। इससे उन्हें तलाश करने में दिक्कत आ रही है। विदेश से लौटे लोगों की तलाश में खुफिया विभाग जुटा है।
नए वायरस को लेकर लोगों में चिंता और आशंकाएं भी बढ़ गई हैं। इसकी काली छाया नए वर्ष के स्वागत की तैयरियों पर भी देखी जा रही है। ब्रिटेन के अलावा डेनमार्क, जिब्राल्टर, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इटली और जापान में भी नए किस्म का वायरस मिला है। तसल्ली की बात है कि वैज्ञानिकों ने कम समय के भीतर ही कोरोना के इस नए रूप की पहचान कर ली।
नए किस्म का कोरोना कितना घातक है? ब्रिटेन में इसकी खबर आने पर दुनिया भर में चिंता क्यों बढ़ गई है? क्या यह सिर्फ ब्रिटेन में ही है और क्या इस कोरोना पर वैक्सीन कारगर होगी? ऐसे ही सवाल हैं, जिनके जवाब उन लोगों की चिंताओं को कुछ कम कर सकते हैं, जो नए किस्म के कोरोना के बाद से तनाव में हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि नया कोरोना वायरस नियंत्रण से बाहर नहीं है और हो सकता है कि यह पहले से ही कुछ देशों में मौजूद हो, साथ ही काउंसिल फॉर साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च के महानिदेशक शेखर मंडे ने कहा कि नए कोरोना से चिंतित होने की जरूरत नहीं है और इस पर भी वैक्सीन उतनी ही प्रभावी होगी।
अपने देश में कोरोना के नए रूप को रोकने के लिए टास्क फोर्स की योजना मुख्य तौर पर वही है, जो शुरुआत में कोरोना फैलने के दौरान अपनायी गई थी यानी नए किस्म के कोरोना मरीज का ट्रेस यानी पता लगाना, डिटेक्ट यानी पहचान करना और कन्टेन करना यानी फैलने से रोकना। नए वायरस की पहचान के लिए नियमित जीनोमिक निगरानी की जरूरत होगी। जीनोमिक निगरानी से मतलब है लोगों की जीन आधारित जांच से निगरानी।
नए स्ट्रेन को फैलने से रोकने के लिए हमें वही करने की जरूरत है, जो हम अभी तक करते आ रहे हैं यानि सोशल डिस्टेंसिंग, हाथ की स्वच्छता, अनिवार्य रूप से मास्क पहनना, साथ ही हमें कोविड-19 से बचने संबंधी गाइडलाइन के पालन करने में और तेजी दिखानी होगी। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निगरानी की कारगर रणनीति पर अमल करना होगा।
