बरेली: चार मई से सीबीएसई परीक्षाएं, बढ़ सकती है परीक्षा केंद्रों की संख्या
अमृत विचार, बरेली। सीबीएसई परीक्षाओं को लेकर बोर्ड ने 4 मई से परीक्षाएं कराने का फैसला लिया है। बोर्ड के इस फैसले से बच्चे और अभिभावक जहां राहत महसूस कर रहे हैं वहीं, कुछ स्कूल संचालक इस फैसले से नाखुश हैं। उनका कहना है कि अगले सत्र पर इसका असर देखने को मिल सकता है। …
अमृत विचार, बरेली। सीबीएसई परीक्षाओं को लेकर बोर्ड ने 4 मई से परीक्षाएं कराने का फैसला लिया है। बोर्ड के इस फैसले से बच्चे और अभिभावक जहां राहत महसूस कर रहे हैं वहीं, कुछ स्कूल संचालक इस फैसले से नाखुश हैं। उनका कहना है कि अगले सत्र पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
आने वाला सत्र एक बार फिर देरी से शुरू होगा। बहरहाल, स्कूलों ने चार मई से परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार बोर्ड परीक्षाओं में करीब 20 हजार बच्चे शामिल होंगे। केंद्रों की संख्या भी बढ़ने की पूरी उम्मीद है। जिला समन्वयक वीके मिश्रा ने बताया कि पिछली बार कक्षा 10 और 12वीं में कुल 20 हजार बच्चों ने परीक्षाएं दी थीं।
दोनों ही कक्षाओं में इनकी संख्या 10-10 हजार थी। इस बार भी लगभग पिछले वर्ष के बराबर ही बच्चे परीक्षा में शामिल होंगे। पिछली बार परीक्षार्थियों के लिए 16 केंद्र बनाए गए थे मगर इस बार कोरोना को देखते हुए केंद्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए केंद्र बनाने पर करीब 10 केंद्र बढ़ने की पूरी संभावना है।
इस बार करीब 26 परीक्षा केंद्र बनाए जाने हैं। वहीं, सहोदया स्कूल कांप्लेक्स के सचिव योहान कुंवर ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को स्कूल में आकर पढ़ाई करने का पूरा मौका मिलेगा। इससे उनके रिजल्ट में भी गिरावट नहीं आएगी। बताते चलें कि 4 मई से परीक्षाएं शुरू होकर जून में खत्म होंगी। 15 जुलाई तक इसका रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा।
कोरोना को देखते हुए मई में परीक्षाएं कराना एक अच्छा फैसला है क्योंकि ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को इतना समझ में नहीं आया जितना वह स्कूल जाकर समझ सकते थे। इसलिए यह फैसला अच्छा है। हम इसका स्वागत करते हैं।
-योहान कुंवर, प्रधानाचार्य, विद्याभवन पब्लिक स्कूल
यही तारीख थोड़ी पहले होनी चाहिए थी जिससे सत्र पर इसका असर न पड़े। इससे यह फायदा है कि बच्चों को और अच्छे से पढ़ाई करने का मौका मिल जाएगा। जो नुकसान उन्हें कोरोना में हुआ उसकी भरपाई हो सकती है।
-अल्पना जोशी, प्रधानाचार्य, बीबीएल पब्लिक स्कूल (पीलीभीत रोड)
सीबीएसई ने परीक्षा को भले ही थोड़ा लेट किया मगर एक चीज अच्छी रही कि जुलाई तक रिजल्ट घोषित कर देंगे। इससे बच्चों के सत्र पर उतना असर नहीं पड़ेगा। हां, अगर जुलाई तक रिजल्ट नहीं आया तो दिक्कतें होंगी।
– राजेश जौली, प्रबंधक, जीआरएम
इस बार करीब 20 हजार बच्चे परीक्षाओं में शामिल होंगे। इस बार कोरोना को देखते हुए केंद्रों की संख्या बढ़ने की पूरी उम्मीद है। इस बार करीब 10 केंद्र बढ़ सकते हैं।
-वीके मिश्रा, जिला समन्वयक, सीबीएसई
