बरेली: जिला अस्पताल में नहीं है एंटी रेबीज वैक्सीन, मरीज परेशान
अमृत विचार, बरेली। जिला अस्पताल की ओपीडी में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए रोजाना करीब 80-100 मरीज पहुंचते हैं लेकिन पिछले तीन दिनों से जिला अस्पताल में एआरवी खत्म होने की वजह से मरीज केवल ओपीडी का बंद गेट और उस पर चस्पा नोटिस ‘एआरवी समाप्त हो गई है, आने पर दी जाएगी’ देखकर …
अमृत विचार, बरेली। जिला अस्पताल की ओपीडी में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए रोजाना करीब 80-100 मरीज पहुंचते हैं लेकिन पिछले तीन दिनों से जिला अस्पताल में एआरवी खत्म होने की वजह से मरीज केवल ओपीडी का बंद गेट और उस पर चस्पा नोटिस ‘एआरवी समाप्त हो गई है, आने पर दी जाएगी’ देखकर वापस लौट जाते हैं।
जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन डा. सूरज पांडेय बताते हैं की एंटी रेबीज वैक्सीन की एक बाउल से पांच लोगों को टीके लगाए जाते हैं। जिले के लगभग सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी वैक्सीन खत्म हो चुकी हैं। ऐसे में लगभग पूरे जिले से लोग यहां एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं। लेकिन जिला अस्पताल में भी वैक्सीन नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है।
वहीं, इस संबंध में मंडलीय अपर निदेशक एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. सुबोध कुमार शर्मा बताते हैं कि वैक्सीन खत्म होते ही शासन से दो हजार वैक्सीन मांगी गई हैं। वैक्सीन आते ही मरीजों को लगाई जाएगी।
सरकारी में इंजेक्शन नहीं, निजी अस्पताल में लगवाने के पैसे नहीं
35 वर्षीय चौपुला निवासी राकेश ने बताया कि वे रिक्शा चलाते हैं। शुक्रवार को अय्यूब खां चौराहे पर कोहरा अधिक होने की वजह से रिक्शा डिवाइडर में घुस गया और वहां तीन-चार आवारा कुत्तों ने अचानक उनके दोनों पैरों पर काट लिया। शनिवार को इंजेक्शन लगवाने जिला अस्पताल पहुंचे, कमरे के बाहर इंजेक्शन न होने का नोटिस चस्पा देख उन्होंने बताया कि पैसे न होने की वजह से सरकारी अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने आए थे। यहां स्टाफ से बात की तो बोले कि 400-500 रुपये का मेडिकल से इंजेक्शन मिलेगा, लगवा लो। नहीं तो जब आ जाए तब लगवा लेना। पैसे न होने की वजह से राकेश बिना इंजेक्शन लगवाए चले गए जबकि उनके पैरों से खून निकल रहा था।
